देश के एक बड़े हिस्से में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप लगातार जारी है, और इसी बीच सोमवार से ‘नौतपा’ की शुरुआत हो चुकी है। ज्योतिष और पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार नौतपा के इन नौ दिनों में सूर्य की तपिश अपने चरम पर होती है, लेकिन इस बार तो सूर्य देव ने इसके शुरू होने से पहले ही अपने तेवर बेहद तीखे कर रखे हैं। उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र समेत देश के कई राज्यों में अधिकतम तापमान 43 से 47 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। पूरे देश में महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र का ब्रह्मपुरी इलाका सबसे गर्म दर्ज किया गया, जहां पारा 47.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
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उत्तर प्रदेश के हालात इस समय सबसे ज्यादा चिंताजनक हैं, क्योंकि वहां के लोग भीषण लू के साथ-साथ धूल भरी आंधियों की दोहरी मार झेल रहे हैं। मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य के 10 जिलों में लू का रेड अलर्ट और 23 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। बीते रविवार को 46.8 डिग्री तापमान के साथ बांदा उत्तर प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जबकि प्रयागराज, झांसी, उरई और आगरा जैसे प्रमुख शहरों में भी पारा 45 डिग्री के पार दर्ज किया गया। राहत की बात सिर्फ पूर्वोत्तर भारत, पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों और दक्षिणी भारत के कुछ हिस्सों में है, जहां तापमान नियंत्रण में है, बाकी पूरे देश को शुक्रवार तक इस भीषण तपन से राहत मिलने की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है। खासकर राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और गुजरात में रहने वाले लोगों को अभी कुछ दिन और इस झुलसाने वाली गर्मी का सामना करना पड़ेगा।
इस भीषण गर्मी के बीच उत्तर भारत के लोगों के लिए राहत की एक उम्मीद भी बंधी है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 29 मई यानी शुक्रवार से दिल्ली-एनसीआर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के मौसम में एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। इन राज्यों के लगभग 50 फीसदी इलाकों में तेज आंधी के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है, जिससे शनिवार तक अधिकतम और न्यूनतम दोनों ही तापमान में 3 से 5 डिग्री तक की गिरावट आ सकती है। यह बदलाव लोगों को पिछले कई दिनों से जारी तपिश से बड़ी राहत देगा।
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दूसरी तरफ, देश के दक्षिणी और पूर्वोत्तर हिस्सों में मौसम का एक अलग ही रूप देखने को मिल रहा है। इस साल मानसून अपने तय समय से चार दिन पहले यानी 26 मई को ही केरल के तट पर दस्तक दे सकता है। केरल, अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप में मानसून से पहले की बारिश यानी प्री-मानसून शावर पहले ही शुरू हो चुके हैं। मौसम विभाग ने केरल, लक्षद्वीप, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर के राज्यों में अगले चार-पांच दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी दी है। असम, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय और पश्चिम बंगाल के पहाड़ी इलाकों में अगले तीन दिनों तक तेज आंधी-तूफान के साथ बारिश का दौर जारी रहेगा। असम और ओडिशा जैसे राज्यों में तो 60 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने मौसम को पूरी तरह बदल दिया है, जबकि उत्तराखंड के कई इलाकों से पिछले 24 घंटों में ओलावृष्टि की खबरें भी सामने आई हैं।


