रायपुर/CG Now:
छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज राज्य के भूतपूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के कल्याण एवं पुनर्वास का मुद्दा प्रमुखता से उठा। विधायक श्री अजय चंद्राकर के सवालों का जवाब देते हुए उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने सदन को बताया कि राज्य सैनिक बोर्ड के अंतर्गत प्रदेश में कुल 7,725 भूतपूर्व सैनिक और 1,547 विधवाएं पंजीकृत हैं। सरकार इन सभी परिवारों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है और वर्तमान में इनके लिए केंद्र व राज्य शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
गृह मंत्री ने जानकारी दी कि वर्तमान में संचालित योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ 906 भूतपूर्व सैनिकों और विधवाओं को प्राप्त हो रहा है। इन सभी कार्यक्रमों की देखरेख और संचालन का जिम्मा राज्य सैनिक बोर्ड तथा जिला सैनिक कार्यालयों को सौंपा गया है, ताकि लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से पात्र व्यक्तियों तक पहुँच सके। पूर्व सैनिकों के पुनर्वास की नीति पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार उन्हें शासकीय सेवाओं में आरक्षण, सुरक्षा सेवाओं में प्राथमिकता और निजी संस्थानों में प्लेसमेंट के जरिए रोजगार से जोड़ने का प्रयास कर रही है।
इसके अलावा, स्वरोजगार के क्षेत्र में भी पूर्व सैनिकों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। हालांकि, रोजगार प्राप्त करने वाले सैनिकों के सटीक आंकड़े फिलहाल संकलित नहीं हैं, लेकिन सरकार की नीति स्पष्ट है कि सेवानिवृत्ति के बाद भी इन वीरों के कौशल का उपयोग राज्य के विकास में किया जाए। पेंशन और महंगाई भत्ते के मुद्दे पर भी गृह मंत्री ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए पुष्टि की कि सैनिकों की विधवाओं को वर्तमान महंगाई भत्ते की पुनरीक्षित दर के आधार पर ही पेंशन का भुगतान किया जा रहा है।
देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले वीरों के लिए सेवानिवृत्ति के बाद सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करना राज्य का कर्तव्य है। छत्तीसगढ़ में 9,272 पंजीकृत परिवारों के लिए चल रही ये योजनाएं सराहनीय हैं, हालांकि 906 लाभार्थियों की संख्या यह भी दर्शाती है कि योजनाओं के दायरे को और अधिक विस्तारित करने और पंजीकरण प्रक्रिया को और सुगम बनाने की आवश्यकता है।

