देशभर के स्वास्थ्य क्षेत्र में पारदर्शिता, डिजिटल रिकॉर्ड के सुदृढ़ीकरण और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI) और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) ने बड़ा कदम उठाया है। पंजीकृत फार्मासिस्टों के लिए अब ‘हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री’ (HPR) में अपनी जानकारी अपडेट और सत्यापित कराना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके साथ ही फार्मेसी शिक्षा को अधिक व्यावहारिक बनाने के लिए बी.फार्मा पाठ्यक्रम में भी अहम संशोधन किए गए हैं।
15 दिन की समयसीमा, प्रोफाइल हो सकती है निष्क्रिय
नए नियमों के तहत सभी पंजीकृत फार्मासिस्टों को अपनी एचपीआर (HPR) प्रोफाइल अपडेट और सत्यापित कराने के लिए 15 दिनों का समय दिया गया है। निर्धारित अवधि में प्रक्रिया पूरी न होने पर प्रोफाइल को निष्क्रिय (Deactivate) किया जा सकता है। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य फार्मासिस्टों की पहचान, शैक्षणिक योग्यता, वर्तमान कार्यस्थल और पंजीकरण का एक केंद्रीय डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना है।
HPR प्रोफाइल अपडेट और कार्ड जारी होने की प्रक्रिया:
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ई-केवाईसी (e-KYC): जिन फार्मासिस्टों का डिजी फार्मेड (DigiPHARMed) पोर्टल पर पूर्व पंजीकरण और वैध बीएचपी (BHP) नंबर है, उन्हें सबसे पहले ई-केवाईसी के जरिए पहचान सत्यापित करनी होगी।
- विवरण की जांच: व्यक्तिगत जानकारी, रोजगार, शैक्षणिक योग्यता और काउंसिल रजिस्ट्रेशन से जुड़े विवरण को अपडेट करना होगा।
- राज्य काउंसिल द्वारा सत्यापन: दर्ज जानकारी की संबंधित राज्य फार्मेसी काउंसिल द्वारा गहन जांच की जाएगी।
- HPR कार्ड: काउंसिल की अंतिम मंजूरी के बाद फार्मासिस्ट का आधिकारिक डिजिटल एचपीआर कार्ड जारी होगा।
बी.फार्मा पाठ्यक्रम 2026 में नवाचार और अतिथि शिक्षकों की अनुमति
फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया ने बी.फार्मा के 2026 पाठ्यक्रम को लेकर भी नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं:छात्रों को उद्योग और व्यावहारिक आवश्यकताओं के अनुकूल तैयार करने के लिए पाठ्यक्रम में बहुविषयक (Interdisciplinary) विषय जोड़े गए हैं।
जिन संस्थानों में विशिष्ट विषयों के योग्य फार्मेसी शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं, वहां संबंधित विषय में स्नातकोत्तर डिग्री धारक अतिथि (गेस्ट/विजिटिंग) फैकल्टी की सेवाएं ली जा सकेंगी। इन शिक्षकों को अध्यापन से पूर्व जरूरी प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

