कड़ाके की ठंड (Winter Season) शुरू हो चुकी है और ऐसे में रजाई से बाहर निकलना किसी जंग लड़ने जैसा लगता है। खुद को गर्म रखने के लिए बाजार में Room Heater की मांग तेजी से बढ़ गई है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि गलत हीटर का चुनाव न केवल आपकी बिजली का बिल बढ़ा सकता है, बल्कि आपकी सेहत के लिए भी खतरनाक साबित हो सकता है? बाजार में ढेर सारे विकल्प मौजूद हैं, जिससे कन्फ्यूजन होना लाजमी है। अगर आप भी नया हीटर खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। यहां हम आपको बता रहे हैं कि अपनी जरूरत और बजट के हिसाब से सही हीटर कैसे चुनें।
अपनी जरूरत और बजट को पहचानें: हीटर के प्रकार
बाजार में मुख्य रूप से तीन तरह के हीटर मिलते हैं: हैलोजन (Halogen), फैन (Fan) और ऑयल (Oil) हीटर। खरीदारी करने से पहले इनकी खासियत समझना जरूरी है।
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हैलोजन हीटर: ये सबसे सस्ते होते हैं। अगर आपका बजट कम है और आपको तुरंत गर्मी चाहिए, तो यह एक विकल्प हो सकता है। लेकिन यह रॉड के जरिए गर्मी देते हैं, जिससे पास बैठे व्यक्ति को ही ज्यादा लाभ मिलता है।
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फैन हीटर: यह सेरामिक कॉइल और ब्लोअर के साथ आते हैं। यह गर्म हवा पूरे कमरे में फैलाते हैं। यह हैलोजन से थोड़े महंगे लेकिन ज्यादा सुरक्षित माने जाते हैं।
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ऑयल हीटर: यह सबसे महंगे होते हैं, लेकिन सुरक्षा और सेहत के लिहाज से सबसे बेहतरीन माने जाते हैं। इनमें तेल भरा होता है जो धीरे-धीरे गर्म होकर लंबे समय तक कमरे को गर्म रखता है।
कमरे के साइज के हिसाब से करें चुनाव
हीटर खरीदते समय अपने कमरे का आकार (Room Size) ध्यान में रखना सबसे महत्वपूर्ण है। गलत साइज का हीटर या तो बिजली बर्बाद करेगा या कमरा गर्म ही नहीं कर पाएगा।
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छोटे कमरे के लिए: अगर आपका कमरा छोटा है, तो हैलोजन हीटर से काम चल जाएगा। यह कम जगह में अच्छी गर्मी देता है।
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मीडियम कमरे के लिए: मध्यम आकार के कमरे के लिए फैन हीटर (Fan Heater) बेस्ट रहता है, क्योंकि यह हवा को सर्कुलेट करता है।
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बड़े कमरे के लिए: अगर आपका हॉल या बेडरूम काफी बड़ा है, तो ऑयल हीटर (Oil Heater) ही खरीदें। यह पूरे स्पेस को समान रूप से गर्म करता है और ज्यादा प्रभावी होता है।
सेफ्टी अलर्ट: बंद कमरे में हीटर चलाना हो सकता है जानलेवा
हीटर का इस्तेमाल करते समय ‘सावधानी हटी, दुर्घटना घटी’ वाली बात सच साबित हो सकती है। हैलोजन और फैन हीटर कमरे की नमी (Humidity) को सोख लेते हैं और ऑक्सीजन का लेवल कम कर देते हैं। इससे आंखों में जलन, नाक बंद होना और सांस लेने में दिक्कत हो सकती है।
वहीं, ऑयल हीटर सबसे सेफ ऑप्शन है क्योंकि यह हवा को ड्राई नहीं करता और ऑक्सीजन नहीं जलाता। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि अगर आप रात भर हीटर चलाकर सोते हैं, तो कमरे में वेंटिलेशन के लिए दरवाजा या खिड़की थोड़ी खुली रखें। बंद कमरे में हीटर की वजह से कार्बन मोनोऑक्साइड बन सकती है, जो बेहद खतरनाक है। ताज़ा खबरों और अपडेट्स के लिए हमें Facebook और Instagram पर फॉलो करें।

