रायपुर। छत्तीसगढ़ के शासकीय स्कूलों में बांटे जा रहे रेडीमेड गणवेश (यूनिफॉर्म) की गुणवत्ता को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग ने स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। विभाग के अनुसार, राज्य के किसी भी जिले, विकासखंड या स्कूल/संकुल से गणवेश की गुणवत्ता खराब होने की कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों पर चल रही ऐसी खबरें पूरी तरह भ्रामक और निराधार हैं।
कड़े गुणवत्ता परीक्षण (Quality Check) के बाद ही आपूर्ति
छत्तीसगढ़ राज्य हाथकरघा विकास एवं विपणन सहकारी संघ मर्यादित (ग्रामोद्योग विभाग) द्वारा गोदाम स्तर पर ही तकनीकी कर्मचारियों के माध्यम से रेडीमेड गणवेश का शत-प्रतिशत कड़ा गुणवत्ता परीक्षण किया जाता है। लोक शिक्षण संचालनालय और जिला शिक्षा अधिकारी रायपुर से मिली विस्तृत जानकारी के अनुसार, संघ के गोदाम प्रभारियों और तकनीकी टीम के प्रतिवेदन में सभी गणवेश पूरी तरह तय मानकों के अनुरूप पाए गए हैं। इस कड़े टेस्ट के पास होने के बाद ही इन्हें स्कूलों में भेजा जा रहा है।
स्थानीय बुनकरों और महिला स्व-सहायता समूहों को मिल रहा रोजगार
शासन की मंशानुरूप इस पूरी व्यवस्था से राज्य के ग्रामीण अर्थतंत्र को मजबूती मिल रही है:
-
कपड़े की बुनाई: कक्षा पहली से आठवीं तक के छात्र-छात्राओं के लिए यह कपड़ा राज्य के स्थानीय बुनकरों द्वारा तैयार किया जा रहा है।
-
गणवेश की सिलाई: कपड़ों की सिलाई का काम महिला स्व-सहायता समूहों (SHGs) के माध्यम से कराया जा रहा है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन रही हैं।
सत्र 2026-27 के तहत गणवेश वितरण की वर्तमान स्थिति
वर्तमान शैक्षणिक सत्र 2026-27 के तहत प्रदेश में तेजी से गणवेश की आपूर्ति की जा रही है:
| संभाग / क्षेत्र | वितरण की स्थिति |
| बस्तर, सरगुजा एवं बिलासपुर संभाग | सभी जिलों में प्रति छात्र 2-2 सेट गणवेश की शत-प्रतिशत आपूर्ति की जा चुकी है। |
| रायपुर एवं दुर्ग संभाग | इन संभागों के जिलों में आंशिक रूप से आपूर्ति हो चुकी है और शेष कार्य प्रगति पर है। |
शिकायत मिलने पर तत्काल बदलने (Replace) की पुख्ता व्यवस्था
हाथकरघा संघ पूरी पारदर्शिता और उच्च गुणवत्ता के साथ गणवेश की आपूर्ति कर रहा है। इसके बावजूद, विभाग ने बैकअप प्लान भी तैयार रखा है। यदि भविष्य में किसी भी जिले या संकुल से गणवेश की गुणवत्ता या साइज को लेकर कोई व्यावहारिक समस्या सामने आती है, तो संघ द्वारा तत्काल तकनीकी परीक्षण कराकर गणवेश को बदलने (रिप्लेस करने) की पुख्ता व्यवस्था की गई है।स्कूल शिक्षा विभाग ने आम नागरिकों और पालकों से अपील की है कि वे गणवेश को लेकर उड़ रही किसी भी भ्रामक और अपूर्ण खबर पर ध्यान न दें। राज्य शासन बच्चों को उत्कृष्ट शिक्षा और उच्च स्तरीय सुविधाएं देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।


