भारतीय जनता पार्टी ने अपने राष्ट्रीय संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ रणनीतिकार दीपक म्हस्के को भाजपा का नया राष्ट्रीय सोशल मीडिया और आईटी सेल प्रमुख नियुक्त किया है।
दीपक म्हस्के का शुरुआती जीवन और शैक्षणिक पृष्ठभूमि बेहद प्रभावशाली और विविधता से भरी रही है। साल 1968 में जन्मे 58 वर्षीय म्हस्के मूल रूप से रायपुर (छत्तीसगढ़) के एक किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं। खेती-किसानी की मजबूत पारिवारिक जड़ों के कारण वे आज भी बागवानी और जैविक खेती में गहरी रुचि रखते हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में उनका दायरा काफी व्यापक रहा है। उन्होंने रसायन विज्ञान (केमिस्ट्री) में स्नातकोत्तर (M.Sc) की डिग्री हासिल की और राजनीति में पूरी तरह सक्रिय होने से पहले कई वर्षों तक कॉलेज में बतौर प्राध्यापक छात्रों को केमिस्ट्री पढ़ाई। केवल विज्ञान ही नहीं, बल्कि तकनीकी विषयों में भी उनकी गहरी पकड़ रही है। उन्होंने कंप्यूटर प्रोग्रामिंग और सीमेंट टेक्नोलॉजी की भी पढ़ाई की है, जिसने उनके तार्किक और तकनीकी दृष्टिकोण को मजबूत बनाया। उनका यही शैक्षणिक ज्ञान और तकनीकी अनुभव आगे चलकर उन्हें आधुनिक डेटा विश्लेषण और डिजिटल रणनीति के क्षेत्र में एक अलग पहचान दिलाने में मददगार साबित हुआ।
प्रशासनिक अनुभव
दीपक म्हस्के के पास संगठनात्मक अनुभव के साथ-साथ प्रशासनिक और कॉरपोरेट गवर्नेंस का भी मजबूत अनुभव रहा है। वे केंद्र सरकार के प्रतिष्ठित सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम ‘इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड’ (EIL) के निदेशक मंडल में गैर-सरकारी स्वतंत्र निदेशक के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं, जहां उन्होंने नीतिगत फैसलों और प्रबंधन में अहम भूमिका निभाई। इसके साथ ही, वर्तमान में वे छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CGMSCL) के अध्यक्ष पद का महत्वपूर्ण दायित्व संभाल रहे हैं, जिसके तहत राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं, मेडिकल सप्लाई और अधोसंरचना से जुड़े कार्यों के सुचारू प्रबंधन की देखरेख कर रहे हैं। उनका यह प्रशासनिक अनुभव उन्हें बड़े स्तर पर संगठन और रणनीति को कुशलतापूर्वक संचालित करने में मदद करता है।
भाजपा संगठन में 15 वर्षों का अनुभव और भूमिका
दीपक म्हस्के पिछले करीब 15 सालों से संगठन के भीतर सक्रिय हैं और डिजिटल रणनीतियों को मजबूत करने में मुख्य भूमिका निभाते रहे हैं:
दीपक म्हस्के का भारतीय जनता पार्टी के साथ संगठनात्मक और रणनीतिक जुड़ाव डेढ़ दशक से भी अधिक पुराना है। वे साल 2009 से ही पार्टी के आईटी विंग से जुड़कर संगठनात्मक विस्तार में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने डिजिटल माध्यम को केवल प्रचार तक सीमित न रखकर उसे सीधे जमीनी कार्यकर्ताओं और मतदाताओं से जोड़ने का काम किया। साल 2018 में जब उन्हें छत्तीसगढ़ राज्य आईटी सेल के समन्वयक की जिम्मेदारी सौंपी गई, तब उन्होंने हर एक पोलिंग बूथ स्तर तक सोशल मीडिया स्वयंसेवकों का एक अत्यंत मजबूत और सक्रिय नेटवर्क खड़ा किया। इसके साथ ही उन्होंने व्यापक वॉट्सऐप ग्रुप्स का एक ऐसा जमीनी संचार ढांचा तैयार किया, जिससे पार्टी के संदेश और नीतियां सीधे आम लोगों तक तुरंत पहुंच सकें।
उनकी इस सांगठनिक क्षमता और डिजिटल रणनीतियों की सफलता को देखते हुए पार्टी ने उन्हें बड़े राज्यों के विधानसभा चुनावों में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपीं। उन्होंने छत्तीसगढ़ के साथ-साथ बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे राजनीतिक रूप से अहम और चुनौतीपूर्ण राज्यों में भी पार्टी के पूरे डिजिटल और सोशल मीडिया अभियानों की कमान बेहद कुशलता से संभाली। म्हस्के की सबसे बड़ी ताकत जमीनी राजनीतिक समीकरणों को डिजिटल डेटा से जोड़ना है। वे चुनावी आंकड़ों के गहन अध्ययन, विभिन्न क्षेत्रों के सामाजिक समीकरणों और केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के सटीक डेटा विश्लेषण के माहिर रणनीतिकार माने जाते हैं। डेटा को जमीन पर प्रभावी अभियान में बदलने की इसी अनूठी विशेषज्ञता के कारण आज उन्हें पार्टी के राष्ट्रीय डिजिटल वॉर-रूम की कमान सौंपी गई है।
अब राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी के डिजिटल अभियानों, सोशल मीडिया नरेटिव और आईटी रणनीति को दिशा देने की मुख्य जिम्मेदारी दीपक म्हस्के के पास रहेगी।


