छत्तीसगढ़ में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के दौरान अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लाखों जरूरतमंद विद्यार्थियों तक सरकारी छात्रवृत्ति की राशि अब तक नहीं पहुंच पाई है। लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) को मिले ताजा आंकड़ों के अनुसार, कुल 14.79 लाख पात्र छात्रों में से 3,40,981 विद्यार्थी पोर्टल और बैंकों की तकनीकी खामियों के कारण इस आर्थिक सहायता से वंचित रह गए हैं।
बैंक और पोर्टल के बीच फंसा मामला
इस देरी की मुख्य वजह राशन कार्ड ई-केवाईसी और बैंक खातों की आधार सीडिंग का सिस्टम में अपडेट न होना है। बड़ी संख्या में छात्रों और उनके अभिभावकों ने महीनों पहले बैंकों में जाकर औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं, लेकिन छात्रवृत्ति पोर्टल पर स्टेटस अब भी अधूरा दिख रहा है। नतीजा यह है कि पात्र होने के बावजूद छात्र और परिजन दफ्तरों व बैंकों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
छात्रवृत्ति की राशि का ढांचा
छात्रवृत्ति वितरण: खराब स्थिति वाले प्रमुख जिले
आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रदेश के कई जिलों में स्थिति बेहद चिंताजनक है:कबीरधाम: 62,671 में से केवल 41,539 छात्रों को ही लाभ मिला (लगभग 34% छात्र वंचित)।महासमुंद, सुकमा, जांजगीर-चांपा और बीजापुर: इन जिलों में भी 30% से अधिक छात्र अब तक राशि का इंतजार कर रहे हैं।रायपुर और दुर्ग: बड़े शहरी जिलों में भी करीब 22 से 25 प्रतिशत विद्यार्थियों का भुगतान अटका हुआ है।दूसरी तरफ, राजनांदगांव, सरगुजा, बालोद, दंतेवाड़ा और धमतरी जैसे जिलों ने बेहतर प्रदर्शन किया है, जहां 80 से 90 प्रतिशत छात्रों के खातों में राशि अंतरित कर दी गई है।
| जिला | कुल पात्र विद्यार्थी | छात्रवृत्ति प्राप्त | भुगतान प्रतिशत |
| कबीरधाम | 62,671 | 41,539 | 66.28% |
| महासमुंद | 56,229 | 38,294 | 68.10% |
| सुकमा | 15,337 | 10,492 | 68.41% |
| जांजगीर-चांपा | 55,994 | 38,839 | 69.36% |
| बीजापुर | 13,667 | 9,507 | 69.56% |
| बस्तर | 47,483 | 33,508 | 70.57% |
| रायपुर | 85,220 | 63,976 | 75.07% |
| बलौदाबाजार | 92,929 | 69,976 | 75.30% |
| दुर्ग | 56,513 | 44,438 | 78.63% |



