*10 लाख से अधिक कीमत वाले वाहनों को नहीं मिलेगा सब्सिडी, अधिकतम सब्सिडी भी डेढ़ लाख से घटाकर एक लाख मात्र*
रायपुर/29 अगस्त 2025। प्रदूषण नियंत्रण और हरित परिवहन नीति पर सवाल उठाते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा कहा है कि सरकार की दुर्भावना के चलते छत्तीसगढ़ में 2023 के बाद से ईवी वाहन के 56674 खरीददारों के लगभग 127 करोड़ की सब्सिडी की राशि अब तक लंबित है। यही नहीं सरकार ने 2025 से लग्जरी वाहनों पर सब्सिडी समाप्त कर दी है, अब केवल 10 लाख रुपए तक की कीमत वाले वाहनों को ही सब्सिडी का लाभ मिलेगा और वह भी डेढ़ लाख से घटाकर अधिकतम सब्सिडी की राशि मात्र एक लाख रुपये कर दी गई। 10 लाख तक की लिमिट लगाने से अधिकांश ईवी कारें सब्सिडी के दायरे से बाहर हो गई हैं। वायदे से मुकरना भाजपाइयों का राजनैतिक चरित्र बन चुका है। सरकार की दुर्भावना से ईवी वाहन खरीददारों का बजट गड़बड़ा गया है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि भाजपा सरकार की कथनी और करनी में अंतर है। एक तरफ इलेक्ट्रिक वाहन नीति के तहत 2027 तक कुल नए पंजीयन का 15 प्रतिशत वाहनों को इलेक्ट्रिक कर लेने का लक्ष्य तय करती है, दूसरी तरफ जानबूझकर सब्सिडी में कटौती और भुगतान में विलंब करके ईवी खरीददारों को हतोत्साहित करती है। असलियत यह है कि सरकार नहीं चाहती कि हरित परिवहन को बढ़ावा मिले।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि भाजपा सरकार का फोकस केवल कमीशन की काली कमाई में अपनी हिस्सेदारी पर ही है, आम जनता को राहत देने में जानबूझकर हिल हवाला किया जा रहा है। भाजपा की सरकारों में हर तरह की सब्सिडी में लगातार कटौती की जा रही है, चाहे वह केंद्र की मोदी सरकार द्वारा खाद सब्सिडी हो, खाद्य सब्सिडी हो, कृषि उपकरण सब्सिडी हो, सोलर पैनल सब्सिडी या फिर ईवी वाहनों पर मिलने वाली सब्सिडी। भाजपा सरकार में तमाम राहत, रियायत और सब्सिडी पर केवल मोदी के मित्र अडानी का ही एकाधिकार है। आम जनता अपने हक़ और अधिकार के सब्सिडी की राशि पाने विगत 20 माह से सरकार का मुंह ताकने मजबूर हैं।