रायपुर/ 17 जुलाई 2026। लगातार बढ़ती महंगाई दर ( Inflation ) के लिए भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि इस जन विरोधी सरकार के गलत नीतियों की वजह से ही देश में महगाई बेलगाम हो चुकी है, आम जनता का बजट पूरी तरह बिगड़ गया है। खाद्य पदार्थों, सब्जियों और ईंधन की कीमतों में तेजी के कारण ही थोक महंगाई (WPI ) विगत 44 माह के सर्वाधिक स्तर पर बढ़कर 9.87 प्रतिशत हो गया है रोजमर्रा के सामान, दाल, तेल और दूध जैसी जरूरी चीजों के महंगे होने से आम परिवारों की मासिक बचत खत्म हो रही है। पैसे की क्रय शक्ति में कमी आ गई है, जिससे बाजार में उतनी ही खरीदारी के लिए अधिक पैसे खर्च करने पड़ते हैं। महंगाई को नियंत्रित करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक ( RBI ) द्वारा बार बार ब्याज दरों में बढ़ोतरी की जा रही है, जिससे होम लोन और कार लोन की किस्तें महंगी हो रही हैं। एक तरफ बेरोजगारी की मार ऊपर से बढ़ती महंगाई, आम जनता का जीना दुभर हो गया है।
बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, असमानता और आर्थिक संकट के लिए भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि आम जनता महंगाई से त्रस्त है लेकिन भाजपा सरकार जवाबदेही से भाग रही है, आवश्यक वस्तुओं में अनियंत्रित मूल्यवृद्धि से हालात दिन ब दिन बदतर हो रहे हैं, महंगाई मोदी निर्मित आपदा बन चुकी है। 2014 में जो गैस का सिलेंडर 410 रु. का था, आज वह 984 रु. के पार है, कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में सीधे तीन गुना से अधिक बढ़ा दिया। कु्रड आयल के दाम कम होने के बावजूद पेट्रोल-डीजल के दाम कम नही किये जा रहे है। मुनाफाखोरी के लालच में जनता की जेब में डकैती डाली जा रही है, सरकार पेट्रोलियम कंपनीयों के साथ मिलकर लूटने का काम कर रही है। पेट्रोल 70 रु. प्रति लीटर से बढ़कर 108 रु. प्रति लीटर के पार हो गए हैं, जबकि डीजल के दाम 55 रु. प्रति लीटर से बढ़कर 100 रु. प्रति लीटर के पार हो गया है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि आजादी के बाद से मई 2014 तक देश पर कुल कर्ज 55 लाख करोड़ रुपए था जो मोदी सरकार के बीते 12 साल के कार्यकाल में बढ़कर 255 लाख करोड़ रुपए हो गया है। हाल में आई ’ग्लोबल हंगर इंडेक्स रिपोर्ट’ ने बताया कि भारत में भुखमरी के हालात ये है कि हम पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश से पिछड़ गए हैं। 116 देशों की सूची में हमारा देश 102 वें पायदान पर लुढ़क गया है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि एनएसओ की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि देश में किसानों की औसत आमदनी मात्र 27 रू. प्रतिदिन रह गई है, जो मनरेगा मजदूरी से भी कम है। वादे आय दोगुनी करनी के और असलियत में किसान की आय दसियों गुना कम कर दी गई। एनएसओ की रिपोर्ट में यह भी चौकाने वाला तथ्य सामने आया कि देश के हर किसान पर औसत 74,000 रू. कर्ज है। एक तरफ सरकार किसानों का कर्ज़ माफ़ करने से इंकार करती है, दूसरी तरफ पार्लियामेंट्री कमेटी ने यह खुलासा किया है कि 2020-21 में मोदी सरकार ने कॉर्पाेरेट टैक्स में कमी करके देश को 1,84,000 करोड़ का नुकसान पहुंचाया है। यह परिस्थितियाँ इसलिए निर्मित हुई क्योंकि मोदी सरकार ने बीते सालों में डीजल के दाम बढ़ाकर और कृषि यंत्रों, खाद व कीटनाशक पर जीएसटी लगाकर खेती की लागत 25,000 रू. हेक्टेयर बढ़ा दी।

