नवा रायपुर: छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा फर्जी या गलत जाति प्रमाण पत्र के आधार पर नियुक्ति पाने वाले शासकीय सेवकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इस संबंध में 11 अगस्त 2026 को आदेश जारी किया गया है।
घोषणा का अनुपालन: यह कार्रवाई 09 अगस्त 2019 (विश्व आदिवासी दिवस) के अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा के अनुपालन में की जा रही है
जांच और पहचान: “जाति प्रमाण पत्र उच्च स्तरीय छानबीन समिति” द्वारा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के जिन शासकीय सेवकों के जाति प्रमाण पत्र झूठे, फर्जी या गलत पाए गए हैं, उनकी पहचान की गई है।
कैविएट दायर करना: सेवा समाप्ति का आदेश जारी करने से पूर्व प्रशासनिक विभाग द्वारा माननीय छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में कैविएट दायर किया जाता है।
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सेवा समाप्ति की कार्रवाई: यदि ऐसे मामलों में माननीय न्यायालय का स्थगन (Stay) नहीं है, तो प्रशासनिक विभाग द्वारा संबंधित शासकीय सेवकों की सेवाएं तत्काल समाप्त की जाती हैं।
न्यायालयीन स्थगन वाले मामले: जिन प्रकरणों में न्यायालय का स्थगन प्राप्त होता है, उनमें विधि विभाग द्वारा समीक्षा कर तत्परता से स्थगन समाप्त कराने की कार्रवाई की जाती है।
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अद्यतन रिपोर्ट प्रेषित करना: सभी विभागों द्वारा अपने अधीन ऐसे अधिकारियों/कर्मचारियों के विरुद्ध की गई कार्रवाई की अद्यतन एकजाई जानकारी सामान्य प्रशासन विभाग एवं आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग को उपलब्ध कराई जाती है।
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