रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य में जल जीवन मिशन की बदहाली को लेकर साय सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि भाजपा की अकर्मण्यता और दुर्भावनापूर्ण कार्यशैली के कारण प्रदेश में जल जीवन मिशन का काम पूरी तरह से बंद हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदारों का 2000 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान बकाया है, जिसके चलते निर्माण कार्य ठप पड़े हैं और जनता स्वच्छ पेयजल के लिए तरस रही है।
सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का हर घर जल पहुंचाने का वादा छत्तीसगढ़ की जनता के लिए महज एक जुमला साबित हुआ है। उन्होंने दावा किया कि जिस योजना को 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य था, उसे पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने अपने कार्यकाल में 80 प्रतिशत तक पूरा कर लिया था। लेकिन भाजपा सरकार ने सत्ता में आते ही अपने चहेतों को फायदा पहुँचाने के लिए पुरानी स्वीकृत निविदाओं को निरस्त कर दिया। इसी बंदरबांट के चक्कर में अब योजना का लक्ष्य बढ़ाकर 2028 कर दिया गया है, जो प्रदेश की जनता के साथ सीधा छल है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने आर्थिक पक्ष को उजागर करते हुए बताया कि मिशन के लिए स्वीकृत 36,000 करोड़ रुपये में से अब तक केवल 13,000 करोड़ रुपये ही प्राप्त हुए हैं। उन्होंने सरकार की प्रबंधन क्षमता पर सवाल उठाते हुए कहा कि कई इलाकों में केवल दिखावे के लिए पानी की टंकी बना दी गई है, लेकिन वहां जल स्रोत का कोई ठिकाना नहीं है। कहीं पाइपलाइन तो बिछ गई है, पर उन्हें घरों से कनेक्ट नहीं किया गया है। वर्मा ने सीधा आरोप लगाया कि भाजपा सरकार का पूरा ध्यान जनहित के बजाय केवल कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार पर केंद्रित है।
विज्ञप्ति में आगे कहा गया कि वर्तमान सरकार कांग्रेस शासनकाल में शुरू की गई नल-जल योजनाओं का रखरखाव करने में भी नाकाम साबित हो रही है। गांवों में मोटर खराब होने, बिजली की समस्या और वाटर लेवल नीचे जाने पर बोरवेल में अतिरिक्त पाइप डालने जैसे छोटे-मोटे मेंटेनेंस के काम भी नहीं हो पा रहे हैं। वाल्व लीकेज और पाइपलाइन फटने की वजह से कई गांवों में पेयजल आपूर्ति पूरी तरह बाधित है। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि डबल इंजन की सरकार छत्तीसगढ़ की जनता पर दोहरा अत्याचार कर रही है और यदि जल्द ही स्थिति नहीं सुधरी तो जनता का सरकार पर से विश्वास पूरी तरह उठ जाएगा।

