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जशपुरनगर: जिला चिकित्सालय जशपुर के ब्लड बैंक में बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने रक्त प्रदाय (सप्लाई) में गंभीर कोताही बरतने और वरिष्ठ अधिकारी के हस्ताक्षरों का दुरुपयोग करने के आरोप में एम.एल.टी. (Medical Lab Technologist) श्री संतोष कुमार वाणिक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, जिला चिकित्सालय के ब्लड सेंटर की प्रभारी और पैथोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. ममता सिंह ने 13 मार्च 2026 को श्री वाणिक के विरुद्ध प्राप्त शिकायतों के आधार पर कारण बताओ नोटिस जारी किया था। श्री वाणिक ने 23 मार्च को नोटिस का जवाब प्रस्तुत किया, लेकिन जाँच में उनके तर्क खोखले पाए गए।
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गंभीर अनुशासनहीनता और दोषारोपण
कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के अनुसार, श्री वाणिक के जवाब के परिशीलन से यह स्पष्ट हुआ कि उन्होंने न केवल ब्लड बैंक के महत्वपूर्ण कार्यों में लापरवाही बरती, बल्कि अपने वरिष्ठ अधिकारी के हस्ताक्षरों का स्पष्ट दुरुपयोग कर अनुशासनहीनता की पराकाष्ठा पार की। साथ ही, उन्होंने अपनी गलतियों को स्वीकार करने के बजाय सारा दोष अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों पर मढ़ने की कोशिश की।
निलंबन और विभागीय कार्रवाई
प्रस्तुत जवाब संतोषजनक न पाए जाने पर कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के उल्लंघन के तहत श्री संतोष कुमार वाणिक को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 09 के अंतर्गत निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बगीचा निर्धारित किया गया है और उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
कलेक्टर की इस कड़ी कार्रवाई से स्वास्थ्य विभाग के अन्य लापरवाह कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि मरीजों की जान से जुड़ी सेवाओं में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

