रायपुर। विद्या समीक्षा केंद्र (VSK) ऐप में आ रही तकनीकी समस्याओं के बीच शिक्षकों के वेतन कटौती के आदेश को लेकर प्रदेश के विभिन्न शिक्षक संगठनों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। नेताओं का कहना है कि तकनीकी त्रुटियों का खामियाजा शिक्षकों को नहीं भुगतना चाहिए।
सर्व शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप पाण्डेय ने साफ कहा कि “VSK ऐप की आड़ में शिक्षकों का वेतन रोकने को अन्यायपूर्ण बताते हुए इसके तकनीकी खामियों को तत्काल दुर करें, पहले विभाग अपने गलतियों को सुधारे उसके बाद कहीं अपने कर्मचारियों पे कार्यवाही की बात करें, सुधार किए बिना वेतन काटने जैसा अन्याय हुआ तो सख्त विरोध होगा।”
छग समग्र सहायक शिक्षक फ़ेडरेशन के प्रदेशाध्यक्ष रविन्द्र राठौर ने स्पष्ट किया कि “उनका विरोध ऑनलाइन उपस्थिति का नहीं, बल्कि तकनीकी खामियां दूर किए बिना वेतन काटने का है। उन्होंने कहा कि जिन शिक्षकों ने तकनीकी समस्या की जानकारी देकर आवेदन प्रस्तुत किया है, उनके आवेदन का निराकरण किए बिना वेतन काटना असंवैधानिक है।”
शारीरिक शिक्षा शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष रितेश सिंह ने भी मैदानी ड्यूटी और खेल गतिविधियों के कारण VSK ऐप के माध्यम से उपस्थिति दर्ज कराने को अव्यावहारिक बताते हुए इस वर्ग के शिक्षकों को छूट देने की मांग की थी।
प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने कहा कि “उपस्थिति का सत्यापन किए बिना एक लाख से अधिक शिक्षकों के वेतन में कटौती करना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को न तो नोटिस दिया गया और न ही कोई अल्टीमेटम, ऐसे में त्रुटिपूर्ण VSK ऐप के आधार पर वेतन कटौती का आदेश पूरी तरह अव्यावहारिक और अन्यायपूर्ण है।”
संयुक्त शिक्षक संघ के प्रांताध्यक्ष केदार जैन ने “शिक्षा विभाग पर दमनात्मक रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि तकनीकी खामियों से जूझ रहे ऐप के आधार पर किसी भी शिक्षक को प्रताड़ित करना या वेतन रोकना अनुचित है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसी कार्रवाई जारी रही तो DPI/DPE का घेराव किया जाएगा।”
शालेय शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र दुबे ने कहा, “विभाग की गलती की सजा शिक्षक क्यों भुगतें?” उन्होंने कहा कि शिक्षक डिजिटल व्यवस्था के विरोधी नहीं हैं, बल्कि विश्वसनीय, पारदर्शी और तकनीकी रूप से सक्षम ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली चाहते हैं। यदि ऐप की खराबी से उपस्थिति दर्ज नहीं हो रही है तो इसकी जिम्मेदारी शिक्षक पर नहीं डाली जा सकती।”
नवीन शिक्षक संघ के अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने विभाग को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि VSK में कई खामी हैं उसका सुधार जरुरी हैं और बिना सुधार किए वेतन कटा तो विरोध होना तय हैं, क़्या विभाग का अपने कर्मचारियों पे इस तरह का कार्यवाही करना उचित हैं।
सभी संगठनों का साझा मत है कि VSK ऐप की तकनीकी कमियों का समाधान किए बिना शिक्षकों के वेतन पर किसी भी प्रकार की कार्रवाई न केवल अव्यावहारिक है, बल्कि प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के भी विपरीत है।


