लगातार हो रही बारिश, खेतों में जलभराव और प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों से आवक ठप होने से हरी सब्जियों के खुदरा बाजार में आग लगी हुई है। मटर, अदरक और लहसुन के ₹200 प्रति किलो के उच्च स्तर पर बने रहने के बीच अब शिमला मिर्च ₹160 प्रति किलो और भिंडी ₹120 प्रति किलो तक बिक रही है। आम तौर पर सस्ती मिलने वाली तोरई, बरबट्टी और कुंदरू जैसी साधारण हरी सब्जियां भी अब न्यूनतम ₹60 प्रति किलो के भाव पर पहुंच गई हैं।
मंडियों में स्थानीय और बाहरी दोनों आवक घटने से खुदरा विक्रेताओं ने मनमाने दाम तय कर दिए हैं, जिससे आम नागरिक और मध्यमवर्गीय परिवारों की रसोई का बजट पूरी तरह बेपटरी हो गया है।
हरी सब्जियों और खुदरा बाजार के ताजा भाव (रुपये प्रति किलो)
| सब्जी का नाम | खुदरा भाव (रुपये/किग्रा) | बाजार की स्थिति |
| मटर व अदरक | ₹200 | बाहरी राज्यों से आपूर्ति बेहद कम |
| लहसुन व हरी धनिया | ₹160 – ₹200 | बारिश में सड़ांध के चलते रिकॉर्ड स्तर |
| शिमला मिर्च | ₹160 | आवक सीमित, भारी उछाल |
| भिंडी | ₹60 – ₹120 | क्वालिटी अनुसार दाम दोगुने तक चढ़े |
| देसी करेला | ₹120 | लोकल उपज कम होने से तीखे तेवर |
| फूलगोभी | ₹100 – ₹120 | आवक कमजोर, शतक के पार |
| परवल व गाजर | ₹80 | आवक घटने से दाम स्थिर और ऊंचे |
| पत्तागोभी | ₹60 – ₹80 | सामान्य से डेढ़ गुना अधिक |
| तोरई व बरबट्टी (बोड़ा) | ₹60 | खेतों में पानी भरने से स्थानीय फसल नष्ट |
| करेला व कुंदरू | ₹60 | न्यूनतम स्तर भी ₹60 पर पहुंचा |
| प्याज व बैंगन | ₹60 | खुदरा स्तर पर दबाव जारी |
| टमाटर | ₹40 – ₹60 | सामान्य से अधिक दामों पर बरकरार |
| आलू | ₹20 – ₹25 | बाजार में सबसे स्थिर सब्जी |
छत्तीसगढ़ में हरी सब्जियों की कीमतों में लगी आग का मुख्य कारण लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और खेतों में जलभराव है। राज्य के बाड़ी व मैदानी इलाकों में तोरई, बरबट्टी, करेला और पत्तागोभी की तैयार फसलें पानी में डूबकर समय से पहले सड़ गईं, जिससे स्थानीय उत्पादक क्षेत्रों से मंडियों तक होने वाली दैनिक आवक नगण्य रह गई। इसके साथ ही, अन्य राज्यों (महाराष्ट्र के नासिक, दिल्ली और मध्य प्रदेश) से आने वाले भारी मालवाहक ट्रकों के रास्तों में फंसे होने और परिवहन लागत बढ़ने से थोक बाजारों में नए स्टॉक का गंभीर टोटा हो गया। मांग और आपूर्ति के बीच बने इसी भारी अंतर का सीधा असर खुदरा मंडियों पर पड़ा, जहां शिमला मिर्च ₹160 और भिंडी-देसी करेला ₹120 प्रति किलो तक पहुंच गए।


