गरीब और जरूरतमंद बच्चों के लिए शिक्षा की राह अब और आसान होने जा रही है। निःशुल्क शिक्षा का अधिकार (RTE) के तहत जिले के निजी स्कूलों में सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया का आगाज होने वाला है। इसके तहत गैर-अनुदान प्राप्त निजी विद्यालयों की कक्षा पहली में 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित की गई हैं।
जशपुर के सरना एथनिक रिसॉर्ट को मिला प्रतिष्ठित ‘ग्रीन लीफ अवॉर्ड’
18 से कम उम्र में ‘सहमति’ अमान्य और तस्करी अब संगठित अपराध; सरकार का ‘जीरो टॉलरेंस’ प्लान
यह आरक्षण विशेष रूप से गरीबी रेखा के नीचे (BPL) जीवन यापन करने वाले परिवारों, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अनाथ बच्चों के साथ-साथ 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले बच्चों और एचआईवी पॉजिटिव लोगों के लिए रखा गया है। इस योजना के माध्यम से समाज के वंचित वर्ग के बच्चे भी अब निजी स्कूलों में उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा निःशुल्क प्राप्त कर सकेंगे।
शहरों की नकल या दिल की आवाज़? गाँव की गलियों में भी अब चढ़ने लगा ‘रोज डे’ का बुखार

युवा वकीलों के लिए खुशखबरी: अब जूनियर अधिवक्ताओं को मिलेगा सम्मानजनक स्टाइपेंड
इस सत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 16 फरवरी 2026 से शुरू होने जा रही है। पात्र अभिभावक आरटीई की आधिकारिक वेबसाइट http:eduportal.cg.nic.in/RTE/ पर जाकर अपना आवेदन दर्ज कर सकते हैं। शिक्षा विभाग ने आम लोगों से भी यह भावुक अपील की है कि यदि उनके आसपास ऐसा कोई पात्र परिवार या बच्चा हो, तो उन तक इस जानकारी को जरूर पहुँचाएँ ताकि कोई भी जरूरतमंद बच्चा शिक्षा के इस अधिकार से वंचित न रह जाए।
जशपुर के सरना एथनिक रिसॉर्ट को मिला प्रतिष्ठित ‘ग्रीन लीफ अवॉर्ड’
आवेदन करने के इच्छुक अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही अपने जरूरी दस्तावेज तैयार रखें। इनमें बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र और पहचान पत्र के साथ-साथ अपनी श्रेणी से संबंधित प्रमाण पत्र जैसे अंत्योदय राशन कार्ड, बीपीएल सर्वे सूची, जाति प्रमाण पत्र या मेडिकल सर्टिफिकेट का होना अनिवार्य है। योजना के संबंध में किसी भी प्रकार की सहायता या जानकारी के लिए विभाग ने हेल्पलाइन नंबर 011-411-32689 भी जारी किया है, जिस पर मिस कॉल देकर मार्गदर्शन प्राप्त किया जा सकता है।
युवा वकीलों के लिए खुशखबरी: अब जूनियर अधिवक्ताओं को मिलेगा सम्मानजनक स्टाइपेंड

