रायपुर | छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को लेकर चलाए जा रहे “मनरेगा बचाओ संग्राम” अभियान को मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। खरसिया विधायक एवं पूर्व मंत्री माननीय श्री उमेश पटेल को इस अभियान के प्रदेश समन्वयक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।
प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि उमेश पटेल के प्रशासनिक अनुभव, संगठनात्मक क्षमता और जमीनी पकड़ से यह अभियान प्रदेशभर में प्रभावी ढंग से संचालित होगा। पार्टी का उद्देश्य मनरेगा में हो रही कथित अनियमितताओं, मजदूरों को समय पर रोजगार व भुगतान न मिलने जैसी समस्याओं को जनता के बीच प्रमुखता से उठाना है।
संगठन ने जताया भरोसा
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों ने कहा कि मनरेगा ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, लेकिन वर्तमान समय में इस योजना को कमजोर करने के प्रयास हो रहे हैं। ऐसे में “मनरेगा बचाओ संग्राम” के माध्यम से कांग्रेस कार्यकर्ता गांव गांव जाकर मजदूरों की आवाज़ बुलंद करेंगे।
नियुक्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए विधायक उमेश पटेल ने कहा कि मनरेगा गरीब और ग्रामीण परिवारों के लिए जीवनरेखा है। इस योजना से जुड़े हर मजदूर के हक की लड़ाई कांग्रेस पूरी मजबूती से लड़ेगी और किसी भी स्तर पर अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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प्रदेश समन्वयक के रूप में उमेश पटेल जिलों में कार्यक्रमों का समन्वय करेंगेकार्यकर्ताओं को दिशा निर्देश देंगे ग्रामीण क्षेत्रों में जनसंपर्क अभियान को धार देंगे और मनरेगा से जुड़े मुद्दों को सरकार तक पहुंचाने का कार्य करेंगे
कांग्रेस का दावा है कि यह संग्राम सिर्फ एक राजनीतिक अभियान नहीं, बल्कि ग्रामीण मजदूरों के अधिकार और सम्मान की लड़ाई है, जिसे प्रदेशभर में व्यापक जनसमर्थन दिलाया जाएगा।
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