विशेष रिपोर्ट | पटना:
चुनावी रणनीतिकार से राजनेता बने जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने चुनावी राजनीति में कदम रखते ही बड़ा इतिहास रच दिया है। बिहार की सबसे चर्चित व प्रतिष्ठित बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में प्रशांत किशोर ने 19,324 वोटों के भारी अंतर से जीत हासिल की है। उन्होंने भाजपा उम्मीदवार नीरज सिन्हा (नीरज कुमार) को पराजित किया। यह जीत इस मायने में बेहद खास है कि बांकीपुर सीट पिछले तीन दशकों (31 सालों) से अधिक समय से भाजपा का अभेद्य किला रही है।
अब तक परदे के पीछे से सरकारें और नेता बनाने वाले प्रशांत किशोर पहली बार खुद चुनावी मैदान में उतरे और पहली ही बार में विधानसभा का टिकट हासिल कर अपनी राजनीतिक हैसियत साबित कर दी।
प्रशांत किशोर की संपत्ति का रिकॉर्ड: 197 करोड़ के मालिक
जुलाई 2026 के उपचुनाव नामांकन के दौरान दाखिल हलफनामे के अनुसार, 49 वर्षीय प्रशांत किशोर और उनकी पत्नी डॉ. जाह्नवी दास की कुल संपत्ति लगभग ₹197 करोड़ है। इसमें प्रशांत किशोर की व्यक्तिगत संपत्ति ₹96.06 करोड़ और उनकी पत्नी की संपत्ति ₹111.93 करोड़ दर्ज है।
-
चल संपत्ति: प्रशांत किशोर के पास ₹22.19 करोड़ की चल संपत्ति है (बैंक एफडी और बाजार निवेश में ₹7.36 करोड़ शामिल)। वहीं, उनकी पत्नी के नाम ₹99.51 करोड़ की चल संपत्ति है, जिसका बड़ा हिस्सा ‘वेदास वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड’ (₹95 करोड़) में है।
-
अचल संपत्ति: प्रशांत किशोर के पास ₹73.87 करोड़ की अचल संपत्ति है, जिसमें रोहतास के शिवसागर स्थित ‘श्रीराम अल्ट्रा मॉडर्न राइस मिल’ (कीमत ~₹9.75 करोड़), पटना (पाटलिपुत्र कॉलोनी), नई दिल्ली (वसंत विहार), गाजियाबाद और बक्सर में संपत्तियां शामिल हैं। पत्नी की अचल संपत्ति (गुवाहाटी और नोएडा में) ₹12.42 करोड़ की है।
-
कर्ज व देनदारियां: दंपत्ति पर कुल ₹6.32 करोड़ का ऋण है, जिसमें प्रशांत किशोर पर ₹5.77 करोड़ और उनकी पत्नी पर ₹55.38 लाख बकाया है।
-
दान का रिकॉर्ड: चुनावी हलफनामे के मुताबिक, प्रशांत किशोर ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में जन सुराज पार्टी को ₹85 करोड़ तथा जन सुराज फाउंडेशन को ₹50 लाख का दान दिया था। इससे पूर्व वर्ष 2023-24 में उन्होंने जॉय ऑफ गिविंग ग्लोबल फ़ाउंडेशन को ₹2.75 करोड़ दान किए थे।
शैक्षणिक योग्यता व पेशेवर पहचान
प्रशांत किशोर ने हलफनामे में खुद को ‘पॉलिटिकल एडवाइजर एवं कंसल्टेंट’ बताया है। उनकी शैक्षणिक यात्रा इस प्रकार है:
-
स्कूली शिक्षा: 1991 में बक्सर के एमपी हाई स्कूल से 10वीं (मैट्रिक) और 1993 में पटना साइंस कॉलेज से 12वीं (इंटरमीडिएट)।
-
स्नातक (Graduation): 1996 से 1999 के बीच लखनऊ विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (BBA)।
-
स्नातकोत्तर (Post Graduation): 2001-2003 के दौरान हैदराबाद स्थित एडमिनिस्ट्रेटिव स्टाफ कॉलेज ऑफ इंडिया (ASCI) से मास्टर ऑफ हेल्थकेयर एडमिनिस्ट्रेशन (MHA) की डिग्री (जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी और हिंदुजा अस्पताल के सहयोग से)।
-
विदेशी भाषा: 2010 में फ्रांस के कैविलम विची से फ्रेंच भाषा में गहन योग्यता हासिल की।
स्वास्थ्य प्रबंधन की इसी उच्च शिक्षा के बल पर उन्होंने अफ्रीका के देश चाड में संयुक्त राष्ट्र (UNICEF) के सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ के रूप में अपने शुरुआती करियर की शुरुआत की थी। उनकी पत्नी डॉ. जाह्नवी दास पेशे से चिकित्सक हैं और वर्तमान में अपोलो इंद्रप्रस्थ अस्पताल, नई दिल्ली में सीनियर एडवाइजर (स्पेशल प्रोजेक्ट्स) हैं।
आपराधिक रिकॉर्ड: 8 मामले दर्ज, एक में भी सजा नहीं
सार्वजनिक जीवन और राजनीतिक आंदोलनों के दौरान प्रशांत किशोर पर कुल 8 आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं (मुख्यतः वर्ष 2024 और 2025 में पटना, सहरसा और मुजफ्फरपुर के थानों में)।
-
आरोपों की प्रकृति: इनमें गैरकानूनी जमावड़ा, दंगा, सरकारी काम में बाधा, सार्वजनिक मार्ग अवरुद्ध करना, मानहानि, आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी जैसी धाराएं शामिल हैं।
-
वर्तमान स्थिति: उनके रिकॉर्ड में सबसे अहम बात यह है कि किसी भी मामले में उन्हें अदालत द्वारा दोषी नहीं ठहराया गया है और न ही किसी मामले में औपचारिक रूप से आरोप तय (Charge Frame) हुए हैं। अधिकांश मामले कानूनी समीक्षा और पुनरीक्षण के तहत उच्च न्यायालय व निचली अदालतों में विचारधीन हैं।


