**नई दिल्ली | 28 जून, 2026*
प्रधानमंत्री ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में देश की उभरती शक्ति, आत्मनिर्भरता के संकल्प और सामाजिक जन-भागीदारी के विभिन्न प्रेरक उदाहरणों को साझा किया। उन्होंने सुरक्षा से लेकर पर्यावरण संरक्षण तक के विषयों पर देशवासियों के प्रयासों की सराहना की।
आत्मनिर्भर भारत और रक्षा क्षेत्र में बढ़ते कदम
प्रधानमंत्री ने रक्षा क्षेत्र की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि आज भारत समुद्र से आकाश तक सुरक्षित और आत्मनिर्भर हो रहा है। उन्होंने कोलकाता में भारतीय नौ-सेना के बेड़े में शामिल किए गए स्वदेशी रूप से निर्मित ‘INS दूनागिरी’, ‘INS संशोधक’ और ‘INS अग्रय’ का विशेष जिक्र किया। इसके अलावा, विमानन क्षेत्र में C-295 विमान के सफल परीक्षण और DRDO द्वारा ‘लॉन्ग रेंज लैंड अटैक क्रूज मिसाइल’ के सफल परीक्षण को देश की तकनीकी प्रगति का प्रतीक बताया।
जन-भागीदारी और सामाजिक सुरक्षा
प्रधानमंत्री ने देशवासियों से किए गए आग्रहों पर मिल रहे सकारात्मक फीडबैक पर आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि कैसे लोग युद्ध जैसी स्थितियों को देखते हुए सोना खरीदने से बचने, विदेश यात्राएं टालने, ‘कार पूलिंग’ अपनाने और प्राकृतिक खाद के उपयोग को बढ़ा रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने बीमा योजनाओं पर जोर देते हुए कहा कि ‘प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना’ और ‘प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना’ के माध्यम से करोड़ों परिवारों को सुरक्षा कवच मिल रहा है।
अंधविश्वास से विज्ञान की ओर
असम में ‘हरगिला’ पक्षी के संरक्षण का उदाहरण देते हुए उन्होंने अंधविश्वास को चुनौती देने वाली ‘हरगिला आर्मी’ की सराहना की। उन्होंने बताया कि कैसे जीव-वैज्ञानिक पूर्णिमा देवी बर्मन के नेतृत्व में स्थानीय महिलाओं ने गलत धारणाओं को बदलकर पर्यावरण संरक्षण की एक मिसाल कायम की है।
खेल और शिक्षा का नया दौर
खेलों को लेकर युवाओं में बढ़ते उत्साह पर प्रसन्नता जताते हुए प्रधानमंत्री ने नागालैंड के ‘नागालैंड बेबी लीग’ और ‘नागालैंड वूमेन फुटसल लीग’ की सराहना की। शिक्षा के क्षेत्र में उन्होंने नालंदा विश्वविद्यालय की प्राचीन ‘शास्त्रार्थ’ परंपरा को पुनर्जीवित करने और सेंट्रल संस्कृत यूनिवर्सिटी द्वारा AI एवं डेटा साइंस में B.Tech कार्यक्रम शुरू करने जैसे प्रयासों को भविष्य के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया।
सांस्कृतिक विरासत और पर्यावरण संरक्षण
* **वैश्विक मंच पर भारतीय संस्कृति:** डोमिनिकन रिपब्लिक के ‘ब्रहमकमल डोमिनिकाना’ समूह का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि कैसे वहां के लोग वैदिक मंत्रों का उच्चारण सीखकर भारतीय संस्कृति का प्रसार कर रहे हैं।
* **मेघालय के रूट ब्रिज:** उन्होंने मेघालय के अनोखे ‘लिविंग रूट ब्रिज’ को UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज साइट में शामिल करने के आवेदन का उल्लेख किया और इसके संरक्षण में स्थानीय समुदायों के योगदान की प्रशंसा की।
### स्वच्छ भारत और आगामी गणेश उत्सव
राजगढ़ (मध्य प्रदेश) की बहनों द्वारा प्लास्टिक कचरे से ‘इको-ब्रिक्स’ बनाकर शहर को सुंदर बनाने के प्रयासों की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने ‘वोकल फॉर लोकल’ का आह्वान किया। आगामी गणेश उत्सव के संदर्भ में उन्होंने आग्रह किया कि लोग मिट्टी से बनी स्वदेशी मूर्तियों को ही प्राथमिकता दें और प्लास्टर ऑफ पेरिस (PoP) से बनी मूर्तियों का त्याग करें ताकि नदियों और पर्यावरण को सुरक्षित रखा जा सके।
अंत में, उन्होंने देशवासियों से ‘कैच द रेन’ (Catch the Rain) अभियान के तहत वर्षा के जल की एक-एक बूंद बचाने का आग्रह करते हुए जल संरक्षण के महत्व पर पुनः जोर दिया।


