CG Vyapam: छत्तीसगढ़ में शिक्षक भर्ती परीक्षाओं की तारीखें घोषित, जानें कब होंगे एग्जाम
हर महीने की तरह इस बार भी महीने की शुरुआत कुछ नए नियमों और अपडेट्स के साथ होने जा रही है लेकिन एक मार्च दो हजार छब्बीस कई मायनों में खास माना जा रहा है क्योंकि इस बार होने वाले बदलाव सिर्फ खर्च या कीमतों तक सीमित नहीं रहेंगे बल्कि आपके मोबाइल इस्तेमाल बैंकिंग सिस्टम और ट्रेन यात्रा जैसे रोजमर्रा के कामों पर भी सीधा असर डाल सकते हैं। अगर आप डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल करते हैं एलपीजी सिलेंडर लेते हैं या अक्सर ट्रेन से सफर करते हैं तो इन नए नियमों और अपडेट्स की जानकारी रखना बेहद जरूरी है क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही आपकी सुविधा और बजट दोनों को प्रभावित कर सकती है।
सबसे ज्यादा चर्चा मैसेजिंग एप्स को लेकर हो रही है जहाँ नए सिम बाइंडिंग नियमों के तहत व्हाट्सएप टेलीग्राम और सिग्नल जैसे एप्स को एक्टिव सिम कार्ड से जोड़कर रखने की व्यवस्था सख्त की जा सकती है। नए नियम के तहत जिस मोबाइल नंबर से आपका व्हाट्सएप अकाउंट बना है वही सिम कार्ड आपके फोन में एक्टिव रहनी चाहिए और अगर वह सिम फोन से हटा दी जाती है या निष्क्रिय हो जाती है तो एप उस डिवाइस पर काम करना बंद कर देगा। अब तक यूजर्स छह अंकों का ओटीपी डालकर लॉगिन कर लेते थे और बाद में सिम की मौजूदगी चेक नहीं होती थी लेकिन अब एप को समय समय पर यह सुनिश्चित करना होगा कि नंबर सक्रिय है और उसी फोन में मौजूद है ताकि सिम स्वैप और फर्जी अकाउंट जैसे डिजिटल फ्रॉड पर रोक लगाई जा सके।
छात्रवृत्ति के लिए 14.66 लाख का लक्ष्य, अब तक 8.39 लाख विद्यार्थी ही पाए गए पात्र
एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भी बदलाव की संभावना है क्योंकि हर महीने की तरह तेल कंपनियां एक मार्च की सुबह नई दरों की घोषणा कर सकती हैं। अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमत और डॉलर के उतार चढ़ाव के आधार पर रसोई गैस और कमर्शियल सिलेंडर के दाम तय होंगे जिसका सीधा असर होटल रेस्टोरेंट और छोटे कारोबारियों के साथ साथ आम आदमी के रसोई बजट पर भी पड़ सकता है।
बैंकिंग क्षेत्र से भी एक राहत भरा बदलाव सामने आ सकता है जहाँ कुछ सरकारी बैंक मिनिमम बैलेंस की गणना के तरीके में बदलाव कर सकते हैं जिससे अब पूरे महीने के औसत बैलेंस के आधार पर शुल्क तय होगा और ग्राहकों को पेनल्टी से बचने में आसानी होगी।
रेल यात्रियों के लिए भी व्यवस्था में बदलाव संभव है जहाँ पुराने यूटीएस एप को हटाकर रेलवन जैसे नए एप पर जनरल टिकट और प्लेटफॉर्म टिकट जैसी सुविधाएं शिफ्ट की जा सकती हैं इसलिए यात्रा से पहले नए एप को अपडेट रखना जरूरी होगा। डिजिटल पेमेंट सिस्टम में सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए बड़े ट्रांजैक्शन पर अब यूपीआई पिन के अलावा बायोमेट्रिक या अतिरिक्त ऑथेंटिकेशन की जरूरत पड़ सकती है ताकि ऑनलाइन फ्रॉड को कम किया जा सके।
साथ ही किराये के नियमों में भी बदलाव देखने को मिल सकते हैं जहाँ नए रेंट एग्रीमेंट के लिए डिजिटल रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया जा सकता है और सिक्योरिटी डिपॉजिट को अधिकतम दो महीने के किराए तक सीमित करने पर जोर दिया जा रहा है ताकि मकान मालिक और किरायेदार के बीच विवाद कम हों

