CG Weather:महुआ सीजन में बदला मौसम का मिजाज, सक्रिय हुआ पश्चिमी विक्षोभ, छत्तीसगढ़ के कई जिलों में आंधी के साथ भारी बारिश की चेतावनी

CG Now रायपुर | 18 मार्च 2026
छत्तीसगढ़ में मार्च के महीने में अचानक सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ ने प्रकृति और खेती-किसानी के समीकरण बदल दिए हैं। एक ओर जहां झुलसाती गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर आंधी-तूफान के साथ हो रही इस बारिश का असर फलदार वृक्षों और वनोपज पर अलग-अलग तरह से देखने को मिल रहा है।

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महुआ बीनने वालों के लिए ‘अमृत’ बनी आंधी
वनांचल क्षेत्रों के लिए यह समय ‘पीला सोना’ यानी महुआ संग्रहण का है। महुआ के फूल अब पूरी तरह तैयार होकर टपकने लगे हैं। ऐसे में रात को चली तेज आंधी और बारिश ने पेड़ के नीचे महुआ के फूलों की झड़ी लगा दी है। ग्रामीणों के लिए यह फायदेमंद साबित हो रहा है क्योंकि कम समय में अधिक संग्रहण संभव हो पा रहा है। हालांकि, जमीन गीली होने से फूलों को सुखाने और उनकी गुणवत्ता बनाए रखने में थोड़ी चुनौती जरूर आएगी, लेकिन भारी मात्रा में फूल झड़ने से संग्राहकों के चेहरे खिले हुए हैं।

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आम के बागानों पर मंडराया संकट
आम के पेड़ों पर अब बौर (फूल) से छोटे-छोटे फल (टिकोरिया) बनने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, इस नाजुक समय पर तेज आंधी और बारिश किसी आफत से कम नहीं है। तेज हवाओं के कारण छोटे फल टूटकर गिर सकते हैं, जिससे पैदावार में भारी गिरावट की आशंका है। इसके अलावा, बारिश के बाद बढ़ने वाली नमी से ‘मधुआ’ कीट और फंगस लगने का खतरा बढ़ जाता है, जो तैयार हो रहे फलों को नुकसान पहुंचा सकता है।

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लीची और सरई के फूलों पर असर
छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में लीची और जंगलों में सरई (साल) के पेड़ों पर इस वक्त फूल खिले हुए हैं। लीची के लिए हल्की बारिश तो ठीक है, लेकिन तेज बौछारें और आंधी फूलों को झाड़ सकती हैं, जिससे परागण (Pollination) की प्रक्रिया बाधित होती है। वहीं, सरई के फूलों का झड़ना सीधे तौर पर साल बीजों के उत्पादन को प्रभावित करेगा।

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प्रकृति का दोहरा संतुलन
भले ही फलों को आंधी से नुकसान का डर हो, लेकिन इस बारिश का सबसे सकारात्मक पहलू जंगलों की आग का शांत होना है। मार्च की गर्मी में सुलगते जंगलों को इस पानी ने नई जान दी है। आंधी-पानी के इस दौर ने वातावरण में धूल के कणों को साफ कर दिया है और तापमान में गिरावट लाकर वनस्पति को झुलसने से बचा लिया है।

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कुल मिलाकर, मार्च की यह बारिश महुआ संग्राहकों के लिए वरदान और आम-लीची के बागवानों के लिए चिंता की लकीरें लेकर आई है। मौसम विभाग ने अभी कुछ और दिन सतर्क रहने की सलाह दी है।

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