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रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान बुधवार, 18 मार्च की कार्यवाही प्रदेश के युवाओं और प्रशासनिक व्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होने वाली है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सदन में भर्ती परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने के लिए एक विशेष विधेयक प्रस्तुत करेंगे। ‘छत्तीसगढ़ लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम विधेयक, 2026’ के माध्यम से सरकार का लक्ष्य प्रतियोगी परीक्षाओं में होने वाली गड़बड़ियों और नकल माफियाओं पर नकेल कसना है। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री द्वारा छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल विधेयक भी पेश किया जाएगा, जिससे भविष्य की नियुक्तियों को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाया जा सके।
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सदन की शुरुआत में मुख्यमंत्री द्वारा छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) का 24वां वार्षिक प्रतिवेदन पटल पर रखा जाएगा, जिसमें बीते वर्ष की नियुक्तियों और चयन प्रक्रियाओं का लेखा-जोखा होगा। इसी कड़ी में आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी द्वारा रेरा (RERA) का वार्षिक प्रतिवेदन भी प्रस्तुत किया जाएगा। विधायी कार्यों के अंतर्गत वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक पर चर्चा करेंगे, जबकि राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा भू-राजस्व संहिता में संशोधन का प्रस्ताव सदन के समक्ष रखेंगे। इसके अतिरिक्त नगर तथा ग्राम निवेश और गृह निर्माण मंडल से जुड़े महत्वपूर्ण संशोधनों पर भी सदन की मुहर लग सकती है।
जनहित के मुद्दों की बात करें तो ध्यानाकर्षण सूचनाओं के माध्यम से भानुप्रतापपुर क्षेत्र में वनों की अवैध कटाई और भारी वाहनों के परिचालन से होने वाली समस्याओं पर सरकार का जवाब मांगा जाएगा। साथ ही, तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में व्याप्त अनियमितताओं पर भी सदन में तीखी बहस होने के आसार हैं। विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के विधायकों द्वारा जनहित की याचिकाएं भी प्रस्तुत की जाएंगी, जिनमें मोहला-मानपुर में खेल अकादमी की स्थापना, बेलतरा में स्कूलों का उन्नयन और प्रेम नगर समेत तखतपुर क्षेत्र में सड़क व पुलिया निर्माण जैसी बुनियादी मांगों पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया जाएगा।
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