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रायपुर | 27 मार्च 2026
छत्तीसगढ़ में सत्ता की वापसी के लिए संघर्ष कर रही कांग्रेस अब अपने संगठन को पूरी तरह ‘री-बूट’ (Re-boot) करने जा रही है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष (PCC चीफ) दीपक बैज ने एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि पार्टी के इतिहास में पहली बार संगठन का विस्तार सीधे पंचायत स्तर तक किया जाएगा। नए जिला और ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति के बाद अब भंग हो चुकी पुरानी कार्यकारिणी की जगह नई समितियों का गठन 31 मार्च 2026 तक अनिवार्य रूप से पूरा कर लिया जाएगा। कांग्रेस का यह कदम आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए ‘ग्राउंड लेवल’ पर अपनी पकड़ मजबूत करने की एक सोची-समझी रणनीति मानी जा रही है।
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बूथ से भी नीचे जाएगा संगठन का ढांचा
दीपक बैज ने बताया कि कांग्रेस अब केवल जिला या ब्लॉक स्तर तक सीमित नहीं रहेगी। पार्टी अब वार्ड, गांव और बूथ स्तर पर अपनी सक्रिय कार्यकारिणी गठित करने की प्रक्रिया शुरू कर चुकी है। यह पहली बार होगा जब कांग्रेस औपचारिक रूप से पंचायत स्तर पर अपनी समितियां बनाएगी, जो सीधे गांव के मतदाताओं से संवाद करेंगी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य पार्टी की नीतियों और विपक्ष की विफलताओं को सीधे ग्रामीण जनता के बीच ले जाना है।
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31 मार्च तक की ‘डेडलाइन’
संगठन में नई जान फूंकने के लिए प्रदेश अध्यक्ष ने सभी जिला और ब्लॉक अध्यक्षों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे 31 मार्च तक अपनी-अपनी कार्यकारिणी की सूची फाइनल कर लें। बैज ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अब संगठन को दो कदम आगे ले जाते हुए हर मंडल और वार्ड में समर्पित कार्यकर्ताओं की टीम तैनात करेगी। कार्यकारिणी के गठन में युवाओं और सक्रिय कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि आने वाले समय में पार्टी एक आक्रामक विपक्ष की भूमिका निभा सके।
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आगामी चुनावों पर नजर
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस की यह ‘माइक्रो-मैनेजमेंट’ रणनीति सीधे तौर पर भाजपा के मजबूत संगठनात्मक ढांचे (बूथ मैनेजमेंट) को टक्कर देने के लिए तैयार की गई है। पंचायत स्तर पर समितियों के गठन से कांग्रेस को न केवल स्थानीय मुद्दों की बेहतर समझ होगी, बल्कि चुनावों के दौरान ‘पन्ना प्रमुख’ जैसी व्यवस्थाओं का मुकाबला करने में भी मदद मिलेगी। दीपक बैज के इस कड़े रुख से साफ है कि कांग्रेस अब पूरी तरह चुनावी मोड में आ चुकी है और संगठन में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।

