रायपुर: छत्तीसगढ़ में युवाओं को हुनरमंद बनाने के लिए संचालित ‘मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना’ के तहत पिछले वर्षों के दौरान बड़ी संख्या में युवाओं का कौशल उन्नयन किया गया है। विधानसभा में विधायक अजय चंद्राकर के प्रश्न के उत्तर में कौशल विकास मंत्री श्री गुरू खुशवंत साहेब ने योजना के क्रियान्वयन और वित्तीय स्थिति का विस्तृत विवरण पेश किया।
मंत्री ने सदन को बताया कि 31 जनवरी, 2025 की स्थिति में प्रदेश में कुल 364 व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थान पंजीकृत हैं। वित्तीय वर्ष 2023-24 से 2025-26 की अवधि के दौरान इनमें से 171 संस्थानों द्वारा 70 अलग-अलग ट्रेडों में प्रशिक्षण केंद्र संचालित किए गए, जिसके माध्यम से कुल 19,934 युवाओं को प्रशिक्षित किया गया है। इन प्रशिक्षण केंद्रों की निगरानी और नियमन की जिम्मेदारी जिला कौशल विकास प्राधिकरणों को सौंपी गई है।
वित्तीय लेखा-जोखा साझा करते हुए विभाग ने जानकारी दी कि 184 संस्थानों को कॉमन कास्ट नॉर्म के तहत निर्धारित दर पर कुल 27,30,37,543 रुपये का भुगतान किया जाना था। इसमें से अब तक 24,77,48,060 रुपये का भुगतान किया जा चुका है, जबकि 3,07,46,392 रुपये की राशि अभी भी शेष है। भुगतान लंबित होने के कारणों का विवरण विभाग ने संलग्न प्रपत्रों में दिया है।
सदन में प्रदेश के ‘स्कील्ड और अनस्कील्ड’ युवाओं के प्रतिशत को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण द्वारा वर्तमान में ऐसा कोई सर्वे नहीं किया गया है, इसलिए इन आंकड़ों की सटीक जानकारी देना अभी संभव नहीं है। सरकार का मुख्य फोकस अब उन युवाओं को प्रशिक्षित करने पर है जो विभिन्न ट्रेडों में कौशल हासिल कर स्वरोजगार या रोजगार से जुड़ना चाहते हैं।

