जशपुर: छत्तीसगढ़ के वनांचल क्षेत्रों में इन दिनों कुदरत का एक अनोखा रूप देखने को मिल रहा है।
हाल ही में हुई बारिश ने यहाँ के जंगलों की फिजा बदल दी है और पूरा वातावरण एक अद्भुत सुगंध से सराबोर हो गया है। जंगल के रास्तों से गुजरने वाले राहगीरों के लिए यह अनुभव किसी जादुई अहसास से कम नहीं है, जहाँ मिट्टी की सोंधी खुशबू के साथ महुआ और आम की मदहोश करने वाली महक हवाओं में घुली हुई है।
बारिश की बूंदों ने जैसे ही तपती जमीन को छुआ, मिट्टी से उठने वाली वह पहली सोंधी महक और भीगे हुए पत्तों की खुशबू ने पूरे जंगल को महका दिया है। इसके साथ ही इस मौसम में महुआ की विशिष्ट मिठास भरी सुगंध और आम के पेड़ों से आ रही भीनी-भीनी महक ने वातावरण को और भी खुशनुमा बना दिया है। जंगल के बीच से गुजरते हुए ऐसा महसूस होता है मानो प्रकृति ने अपना कोई बेशकीमती इत्र हवा में बिखेर दिया हो। यह प्राकृतिक खुशबू न केवल मन को शांति प्रदान कर रही है, बल्कि यहाँ से गुजरने वाले हर व्यक्ति को तनाव से दूर एक नई ताजगी और प्रसन्नता का अनुभव करा रही है। कुदरत का यह अनमोल उपहार इन दिनों जशपुर के जंगलों की सबसे बड़ी पहचान बना हुआ है।
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