TRAI का बड़ा कदम: अब 1601 सीरीज से आएंगी बिजली, गैस और कूरियर की सर्विस कॉल; फर्जीवाड़े पर लगेगा लगाम
नई दिल्ली। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (NCERT), नई दिल्ली को ‘डीम्ड यूनिवर्सिटी’ (मानित विश्वविद्यालय) का दर्जा प्रदान किया गया है। शिक्षा मंत्रालय ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की सिफारिशों पर विचार करते हुए यूजीसी अधिनियम, 1956 की धारा 3 के तहत 30 मार्च 2026 को इस संबंध में अधिसूचना जारी की।
केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार ने लोकसभा में एक लिखित प्रश्न के उत्तर में यह महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
पैरामिलिट्री में डॉक्टर बनने का सुनहरा मौका: ITBP में 282 मेडिकल ऑफिसर पदों पर भर्ती शुरू
कैसे मिला डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा?
-
विशेषज्ञ समिति का मूल्यांकन: एनसीईआरटी द्वारा दिए गए आवेदन की जांच यूजीसी द्वारा गठित एक विशेषज्ञ समिति ने ‘यूजीसी (मानक विश्वविद्यालय संस्थान) विनियम, 2023’ के तहत की।
-
सकारात्मक सिफारिश: समिति द्वारा किए गए समग्र मूल्यांकन के बाद ही एनसीईआरटी को मानित विश्वविद्यालय का दर्जा देने की सिफारिश की गई थी।
पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन पंजीयन शुरू
शर्तें और मुख्य उद्देश्य
शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, एनसीईआरटी को यह दर्जा कुछ प्रमुख शर्तों के साथ प्रदान किया गया है:
-
नए पाठ्यक्रमों की शुरुआत: संस्थान को अनुसंधान कार्यक्रमों (Research Programs) के साथ-साथ डॉक्टरेट (Ph.D.) और नए नवाचारी शैक्षणिक कार्यक्रमों को शुरू करने के लिए उचित कदम उठाने होंगे।
15 अगस्त को प्रदेशभर में गरिमामय एवं देशभक्ति से ओत-प्रोत होंगे आयोजन
देश की शिक्षा व्यवस्था को क्या होगा लाभ?
अनुसंधान और नवाचार में तेजी: डीम्ड यूनिवर्सिटी बनने से शैक्षिक अनुसंधान (Educational Research) और नवाचारों को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।
अंतर्राष्ट्रीय सहयोग: एनसीईआरटी को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रमुख एजेंसियों के साथ अकादमिक सहयोग स्थापित करने में अधिक स्वायत्तता और मजबूती मिलेगी।
‘थिंक टैंक’ के रूप में मजबूती: यह फैसला केंद्र और राज्य सरकारों को तकनीकी सहायता देने वाले एक प्रमुख ‘थिंक टैंक’ और राष्ट्रीय संसाधन संस्थान के रूप में एनसीईआरटी की भूमिका को और सशक्त बनाएगा।

