नई दिल्ली: स्कूली शिक्षा के लिए पाठ्यपुस्तकें और पाठ्यक्रम तैयार करने वाली संस्था ‘राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद’ (NCERT) अब देश में शिक्षकों की गुणवत्ता सुधारने का जिम्मा भी खुद संभालेगी। ‘डीम्ड-टू-बी यूनिवर्सिटी’ का दर्जा मिलने के बाद एनसीईआरटी शैक्षणिक सत्र 2027-28 से स्नातक (UG), स्नातकोत्तर (PG) और पीएचडी (PhD) के डिग्री पाठ्यक्रमों का पहला बैच शुरू करने जा रहा है। इसके तहत संस्थान बीए-बीएड, बीएससी-बीएड और बीकॉम-बीएड जैसे इंटीग्रेटेड डिग्री प्रोग्राम संचालित करेगा, ताकि नई सदी के मानकों के अनुरूप शिक्षक तैयार किए जा सकें।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक तकनीक से लैस होगा नया सिलेबस
वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, अब तक एनसीईआरटी बालवाटिका से 12वीं कक्षा तक का पाठ्यक्रम तय करती थी, लेकिन शिक्षक प्रशिक्षण के पाठ्यक्रमों में एकरूपता न होने से स्कूली स्तर पर इसका पूरा लाभ नहीं मिल पाता था। इसे सुधारने के लिए नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (NCTE) के साथ मिलकर शिक्षक प्रशिक्षण के पाठ्यक्रमों की व्यापक समीक्षा की जा रही है। नए डिग्री प्रोग्राम में पारंपरिक शिक्षण विधियों की जगह खेल-खेल में पढ़ाई, क्लासरूम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का प्रभावी उपयोग और प्रौद्योगिकी के जरिए जटिल विषयों को आसान बनाने के विशेष मॉड्यूल शामिल किए जाएंगे।
सर्वे में खुली थी बुनियादी शिक्षा की पोल, इसलिए जरूरी हुआ बड़ा बदलाव
एनसीईआरटी द्वारा कक्षा 3, 6 और 9 के छात्रों की योग्यता-आधारित दक्षताओं (Competencies) के मूल्यांकन में चिंताजनक आंकड़े सामने आए थे:
-
गणित और भाषा में कमजोर पकड़: कक्षा 3 के 45% छात्र 99 तक की संख्याएं ठीक से नहीं लिख पाए। वहीं, कक्षा 6 के 47% बच्चे 10 का पहाड़ा नहीं सुना सके और 54% छात्र स्थानीय मान तथा जोड़-घटाव जैसी बुनियादी अवधारणाओं को समझने में जूझते दिखे।
-
पुरानी शिक्षण विधियों पर चोट: विशेषज्ञों ने पाया कि शिक्षकों की कमी, बुनियादी ढांचे का अभाव और सदियों पुरानी शिक्षण पद्धतियां इस पिछड़ेपन की मुख्य वजह हैं। एनसीईआरटी अब स्वयं योग्य शिक्षक तैयार कर इस खामी को सीधे दूर करेगी।
देश के 6 प्रमुख रीजनल सेंटर तब्दील होंगे पूर्ण डिग्री कॉलेजों में
एनसीईआरटी के देश भर में स्थित प्रमुख क्षेत्रीय संस्थान अब पूर्ण स्वायत्त कॉलेजों के रूप में काम करेंगे:
-
ये केंद्र बनेंगे कॉलेज: अजमेर (राजस्थान), भोपाल (मध्य प्रदेश), भुवनेश्वर (ओडिशा), मैसूर (कर्नाटक), शिलांग (मेघालय) और भोपाल स्थित पंडित सुंदरलाल शर्मा केंद्रीय व्यावसायिक शिक्षा संस्थान।
-
मिलेगी एनसीईआरटी की अपनी डिग्री: वर्तमान में इन केंद्रों में राज्य विश्वविद्यालयों से संबद्धता के आधार पर डिग्री दी जाती है। शैक्षणिक सत्र 2027-28 से यहां दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को सीधे एनसीईआरटी की आधिकारिक डिग्री प्रदान की जाएगी, जबकि वर्तमान में पंजीकृत पुराने बैच को उनके संबंधित संबद्ध विश्वविद्यालयों से ही डिग्री मिलेगी।



