चार दिवसीय प्रशिक्षण में शिक्षकों को मिला डिजिटल शिक्षण का प्रशिक्षण, कलेक्टर रोहित व्यास ने किया स्मार्ट डिवाइस का वितरण
जशपुर। जिले के विद्यालयों में तकनीक आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक नई पहल के तहत संपर्क फाउंडेशन द्वारा संपर्क स्मार्ट शाला कार्यक्रम का विस्तार किया गया है। इसी क्रम में जशपुर के आत्मानंद हिंदी माध्यम स्कूल में 16 से 19 सितंबर तक चार दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न विद्यालयों से दो-दो शिक्षकों ने भाग लेकर स्मार्ट क्लास एवं डिजिटल डिवाइस के प्रभावी उपयोग का प्रशिक्षण प्राप्त किया।
संपर्क स्मार्ट शाला पहल के तहत जिले के 71 विद्यालयों में पहले से स्मार्ट क्लास की सुविधा उपलब्ध थी। अब इस पहल का विस्तार करते हुए 50 नए विद्यालयों को भी इसमें शामिल किया गया है। विशेष रूप से आश्रम शालाओं के विद्यार्थियों तक डिजिटल और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण की पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से इन विद्यालयों के लिए स्मार्ट डिवाइस उपलब्ध कराए गए हैं।
कलेक्टर ने शिक्षकों को किया प्रेरित, अपने हाथों से बांटे डिवाइस
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर श्री रोहित व्यास, DEO श्री नरेश सिन्हा एवं APC श्री गणेश प्रसाद सिन्हा उपस्थित रहे। कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने शिक्षकों से संवाद करते हुए कहा कि तकनीक तभी सार्थक है, जब उसका उपयोग बच्चों की सीखने की प्रक्रिया को आसान और प्रभावी बनाने में किया जाए। उन्होंने शिक्षकों को स्मार्ट क्लास का अधिकतम उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।
इसके बाद कलेक्टर श्री व्यास ने अपने हाथों से शिक्षकों को स्मार्ट डिवाइस वितरित किए। डिवाइस प्राप्त करते समय शिक्षकों में खासा उत्साह देखने को मिला। यह पहल विशेष रूप से दूरस्थ एवं आश्रम विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए आधुनिक शिक्षण संसाधनों तक पहुंच बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
प्रशिक्षण में ‘सीखकर सिखाने’ पर रहा जोर
चार दिनों तक चले प्रशिक्षण में शिक्षकों को केवल डिवाइस चलाने की जानकारी ही नहीं दी गई, बल्कि कक्षा में डिजिटल संसाधनों का सही समय और सही तरीके से उपयोग, स्मार्ट क्लास के माध्यम से बच्चों को विषय समझाने तथा तकनीक को दैनिक शिक्षण प्रक्रिया से जोड़ने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
इस प्रशिक्षण को सफल बनाने में राज्य संपर्क टीम के सदस्य सुजय विश्वास, जशपुर जिला संपर्क समन्वयक दिव्या पाठक तथा संपर्क फाउंडेशन के सहभागी साथी आनंद त्रिपाठी और पंकज जैन की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
संपर्क स्मार्ट शाला के विस्तार के साथ अब जशपुर के 50 और विद्यालयों में डिजिटल तकनीक के माध्यम से बच्चों के सीखने के अनुभव को और समृद्ध करने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है। यह पहल खास तौर पर उन विद्यालयों के लिए महत्वपूर्ण है, जहां तकनीक आधारित शिक्षण संसाधनों की पहुंच सीमित रही है।


