नई दिल्ली: भारतीय रेल ने अपने 10 लाख से अधिक कर्मचारियों और उनके आश्रितों के सामाजिक व वित्तीय सुरक्षा तंत्र को मजबूत करते हुए ‘रेल सेवा (असाधारण पेंशन) नियम, 2026’ का गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। यह नया नियम 33 साल पुराने ‘रेल सेवा (असाधारण पेंशन) नियम, 1993’ की जगह लेगा। नए प्रावधानों के तहत सेवाकाल के दौरान मृत्यु होने या ड्यूटी के दौरान किसी दुर्घटना में दिव्यांग (विकलांग) होने पर कर्मचारियों और उनके परिजनों को बेहतर पेंशन सुरक्षा दी जाएगी। यह व्यवस्था राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के दायरे में आने वाले उन कर्मचारियों पर भी प्रभावी होगी, जिन्होंने NPS रूल्स 2025 के तहत इसका विकल्प चुना है।
चार श्रेणियों (A, B, C, D) में बांटा गया, श्रेणी के आधार पर तय होगी पेंशन
रेलवे बोर्ड ने मृत्यु और दिव्यांगता के मामलों को चार अलग-अलग श्रेणियों में वर्गीकृत किया है:
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श्रेणी B और D: इन श्रेणियों के अंतर्गत आने वाले मामलों में कर्मचारियों को असाधारण पेंशन (Extraordinary Pension) का सीधा लाभ मिलेगा।
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पारिवारिक पेंशन दरें: सेवा के दौरान कर्मचारी की मृत्यु होने पर श्रेणी B के आश्रित परिजनों को कर्मचारी के वेतन का 60 प्रतिशत पेंशन के रूप में दिया जाएगा। वहीं श्रेणी C और श्रेणी D के मामलों में आश्रित परिवार को पूरे 100 प्रतिशत वेतन के बराबर पेंशन राशि प्रदान की जाएगी।
पेंशन के लिए आवेदन की बाध्यता खत्म, विभाग खुद करेगा प्रक्रिया
नए गजट नोटिफिकेशन की सबसे बड़ी राहत यह है कि दिव्यांगता या परिवार पेंशन स्वीकृति के लिए आश्रितों को अलग से कोई औपचारिक आवेदन जमा करने की जरूरत नहीं होगी। मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर मामले की स्वतः जांच करने और पेंशन प्रक्रिया शुरू करने की पूरी वैधानिक जिम्मेदारी संबंधित कार्यालय प्रमुख (Head of Office) की होगी।
दिव्यांगता पेंशन की संरचना: दो हिस्सों में मिलेगा लाभ
ड्यूटी के दौरान दिव्यांग होने पर कर्मचारी की पेंशन को दो भागों में बांटा गया है:
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सर्विस एलीमेंट (Service Element): कर्मचारी के वेतन का 50 प्रतिशत या औसत वेतन, जो भी अधिक हो।
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डिसेबिलिटी एलीमेंट (Disability Element): श्रेणी C और D में 100 प्रतिशत दिव्यांगता की स्थिति में यह मूल वेतन या औसत वेतन का 30 प्रतिशत (जो भी अधिक हो) होगा।इस प्रकार 100% दिव्यांग होने पर कर्मचारी को कुल 80% (50% सर्विस + 30% डिसेबिलिटी) का पेंशन ढांचा उपलब्ध कराया जाएगा।
बीमारी से मौत और मेडिकल बोर्ड अपीलों में मिलेगी राहत
अधिसूचित नियमों के अनुसार, यदि कोई रेल कर्मचारी दिव्यांग होने के बावजूद सेवा में बना रहता है, तो भी वह निर्धारित लाभों का पात्र रहेगा। इसके अलावा सेवाकाल की गंभीर बीमारियों से होने वाले निधन, पेंशन भुगतान में देरी और अटेंडेंट अलाउंस (सहायक भत्ता) के निर्धारण संबंधी मामलों में भी अब त्वरित व पारदर्शी राहत मिल सकेगी।

