नई दिल्ली | 28 फरवरी 2026

नीति आयोग ने आकांक्षी जिला एवं ब्लॉक कार्यक्रम (ADP/ABP) के अंतर्गत ‘फ्रंटियर 50’ कार्यशाला का आयोजन कर सार्वजनिक नीति के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत की है। 27 फरवरी 2026 को आयोजित यह कार्यक्रम पारंपरिक डिजिटल सेवाओं से आगे बढ़कर कुशल और एआई-सक्षम (AI-enabled) शासन की ओर एक रणनीतिक बदलाव का संकेत है। कार्यशाला के दौरान नीति आयोग की सीईओ सुश्री निधि छिब्बर और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव प्रोफेसर अभय करंदीकर सहित केंद्र व राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारियों ने शिरकत की। इस अवसर पर आकांक्षी जिला एवं ब्लॉक कार्यक्रम के न्यूज़लेटर ‘आकांक्षी टाइम्स’ का विमोचन भी किया गया, जो इन क्षेत्रों में जमीनी स्तर पर हो रहे बदलावों को प्रदर्शित करता है।

कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में इस विचार पर बल दिया गया कि ‘विकसित भारत’ का निर्माण जिला और ब्लॉक स्तर की प्रगति से ही संभव है। विशेषज्ञों ने प्रौद्योगिकी को केवल एक सेवा उपकरण के बजाय एक रणनीतिक सहायक के रूप में प्रस्तुत किया, जो शासन को अनुकूलनीय बुद्धिमत्ता और संस्थागत पुनर्गठन की ओर ले जाता है। प्रमुख चर्चाओं का केंद्र 50 आकांक्षी ब्लॉकों को ऐसी अत्याधुनिक तकनीकों के परीक्षण क्षेत्र (Testbeds) के रूप में विकसित करना था, जहाँ डेटा-आधारित निर्णय लेने और नेतृत्व में तकनीक के प्रति विश्वास पैदा करने जैसे सिद्धांतों को लागू किया जा सके।

विषयगत सत्रों के दौरान आठ विभिन्न मंत्रालयों ने जिला स्तर पर डिजिटल एकीकरण के सफल मॉडलों का प्रदर्शन किया। स्वास्थ्य क्षेत्र में ‘सक्षम’ प्लेटफॉर्म के माध्यम से गुणवत्ता प्रमाणन और ‘पोषण 2.0’ के अंतर्गत 14 लाख से अधिक आंगनवाड़ी केंद्रों की रियल-टाइम निगरानी जैसे उदाहरणों ने पोषण वितरण को एक मापने योग्य शासन प्रणाली में बदल दिया है। इसी तरह, जल जीवन मिशन के तहत पीएम गति शक्ति पोर्टल पर भू-टैग की गई संपत्तियों और पशुपालन क्षेत्र में ‘पशु आधार’ के माध्यम से एआई-तैयार डेटासेट तैयार किए जा रहे हैं, जो टीकाकरण और रोग निगरानी को आसान बनाते हैं। कृषि क्षेत्र में भी ‘डिजिटल कृषि मिशन’ के जरिए किसान रजिस्ट्रियां और बहुभाषी सलाह प्रणालियाँ विकसित की जा रही हैं।

भविष्य की राह पर चर्चा करते हुए कार्यशाला में कई सफल केस स्टडीज साझा की गईं, जैसे सिंधुदुर्ग का भारत के पहले पूर्णतः एआई-सक्षम जिले के रूप में उभरना और टोंक जिले में ‘पढ़ाई विद एआई’ के माध्यम से शिक्षा परिणामों में सुधार। नीति आयोग ने निष्कर्ष के तौर पर सूक्ष्म स्थानीयकरण, अंतरसंचालनीय जिला डेटा स्टैक और मापने योग्य परिणामों पर विशेष जोर दिया। ‘फ्रंटियर 50’ पहल के तहत एआई और डिजिटल इंटेलिजेंस को समृद्धि केंद्रों के माध्यम से एकीकृत किया जाएगा, जिससे आकांक्षी ब्लॉक न केवल तकनीक का उपयोग करेंगे बल्कि भविष्य के भारत के लिए नवाचार के केंद्र भी बनेंगे।

Share.

About Us

CG NOW एक भरोसेमंद और निष्पक्ष न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो आपको छत्तीसगढ़, भारत और दुनिया भर की ताज़ा, सटीक और तथ्य-आधारित खबरें प्रदान करता है। हमारी प्राथमिकता है जनता तक सही और निष्पक्ष जानकारी पहुँचाना, ताकि वे हर पहलू से जागरूक और अपडेटेड रहें।

Contact Us

Syed Sameer Irfan
📞 Phone: 94255 20244
📧 Email: sameerirfan2009@gmail.com
📍 Office Address: 88A, Street 5 Vivekanand Nagar, Bhilai 490023
📧 Email Address: cgnow.in@gmail.com
📞 Phone Number: 94255 20244

© 2025 cgnow.in. Designed by Nimble Technology.

error: Content is protected !!
Exit mobile version