नई दिल्ली: भारत सरकार के संचार मंत्रालय के डाक विभाग और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने आज एक क्रांतिकारी साझेदारी की शुरुआत की है। 10 फरवरी 2026 को हुए इस समझौते के तहत अब देश के 1.64 लाख डाकघरों के विशाल नेटवर्क के जरिए आम नागरिक म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकेंगे। इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के लोगों को शेयर बाजार और आधुनिक निवेश समाधानों से जोड़ना है, ताकि वित्तीय समावेशन के सपने को धरातल पर उतारा जा सके।

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भरोसा डाकघर का, तकनीक NSE की इस रणनीतिक साझेदारी में भारतीय डाक के ‘भरोसे’ और NSE की ‘तकनीकी विशेषज्ञता’ का मेल होगा। जहाँ डाकघर अपनी व्यापक पहुंच का लाभ देंगे, वहीं NSE अपने मजबूत ऑनलाइन सिस्टम के जरिए ऑर्डर और सेटलमेंट की प्रक्रिया को सुरक्षित और पारदर्शी बनाएगा। डाक विभाग की महाप्रबंधक सुश्री मनीषा बंसल बादल और NSE के मुख्य व्यापार विकास अधिकारी श्री श्रीराम कृष्णन ने इस एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर किए, जो अगले तीन वर्षों तक प्रभावी रहेगा।
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ट्रेनिंग और पारदर्शिता पर जोर योजना को सफल बनाने के लिए डाक विभाग के कर्मचारियों को विशेष रूप से प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्हें बाकायदा प्रमाणित म्यूचुअल फंड वितरक के रूप में नियुक्त किया जाएगा, जो निवेशकों को सही जानकारी और सलाह दे सकेंगे। इससे न केवल टियर-2 और टियर-3 शहरों में निवेश बढ़ेगा, बल्कि निवेशकों में वित्तीय साक्षरता और पूंजी बाजार के प्रति विश्वास भी मजबूत होगा।
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पायलट प्रोजेक्ट से होगी शुरुआत यह महत्वाकांक्षी योजना चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी। इसकी शुरुआत कुछ चुनिंदा स्थानों पर पायलट प्रोजेक्ट के रूप में होगी, जिसे सफल होने पर पूरे देश में विस्तारित किया जाएगा। डाक विभाग का कहना है कि यह कदम न केवल ग्राहकों को आधुनिक निवेश के विकल्प देगा, बल्कि सुरक्षा और नियामक मानकों का भी कड़ाई से पालन सुनिश्चित करेगा।
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