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रायपुर | 28 मार्च 2026
छत्तीसगढ़ के बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी और तकनीकी खबर है। राज्य में अब टाइम ऑफ डे (TOD) टैरिफ सिस्टम लागू होने जा रहा है। इस नई व्यवस्था के तहत अब बिजली की दरें पूरे दिन एक समान नहीं रहेंगी, बल्कि समय के अनुसार घटती-बढ़ती रहेंगी। पड़ोसी राज्य बिहार की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी स्मार्ट प्रीपेड मीटर वाले उपभोक्ताओं के लिए यह प्रणाली गेम-चेंजर साबित होने वाली है। ऊर्जा विभाग के संकेतों के अनुसार, सितंबर महीने तक इसे चरणबद्ध तरीके से पूरे प्रदेश में प्रभावी करने की तैयारी है।
क्या है TOD सिस्टम और कैसे काम करेगा?
टाइम ऑफ डे (TOD) का सीधा मतलब है कि बिजली का बिल आपके उपयोग के समय (Time) पर निर्भर करेगा। जब पावर ग्रिड पर लोड कम होगा, तब बिजली सस्ती मिलेगी और जब मांग (Peak Hours) सबसे ज्यादा होगी, तब दरें बढ़ जाएंगी।
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सस्ती बिजली (सुबह 9 से शाम 5 बजे): इस दौरान बिजली का उपयोग करने पर उपभोक्ताओं को सामान्य दर से 20 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी।
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महंगी बिजली (शाम 5 से रात 11 बजे): यह ‘पीक ऑवर’ होता है, इस दौरान बिजली का उपयोग करने पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त चार्ज देना पड़ सकता है।
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सामान्य दर: रात 11 बजे से सुबह 9 बजे तक सामान्य दरें लागू रहने की संभावना है।
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स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए ‘बचत’ का मौका
सीएसपीडीसीएल (CSPDCL) के कार्यपालक निदेशक शहदेव ठाकुर के अनुसार, यह नियम फिलहाल उन्हीं 87 लाख उपभोक्ताओं पर अनिवार्य रूप से लागू होगा जिनके घरों में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगे हैं। 10 किलोवॉट से अधिक खपत वाले बड़े उपभोक्ताओं के लिए यह प्रावधान पहले से था, लेकिन अब इसे सामान्य स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं तक विस्तार दिया जा रहा है। डिजिटल ऐप्स के जरिए उपभोक्ता रियल-टाइम में अपनी खपत देख सकेंगे और बिल कम करने के लिए सही समय का चुनाव कर पाएंगे।
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एक्सपर्ट टिप: ऐसे बचाएं अपना पैसा
बिजली विशेषज्ञों का कहना है कि अगर उपभोक्ता अपनी आदतों में थोड़ा बदलाव करें, तो वे भारी बचत कर सकते हैं। भारी उपकरण जैसे वॉशिंग मशीन, गीजर, पानी की मोटर, एसी और प्रेस का उपयोग शाम के बजाय सुबह 9 से शाम 5 बजे के बीच करने पर बिल में सीधी 20% की कटौती की जा सकती है। इससे न केवल उपभोक्ता का पैसा बचेगा, बल्कि ग्रिड पर लोड कम होने से बिजली कटौती की समस्या से भी राहत मिलेगी।
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