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नई दिल्ली | 20 मार्च 2026
हवाई यात्रा के दौरान होने वाली शारीरिक थकान, मांसपेशियों की जकड़न और मानसिक तनाव जैसी आधुनिक चुनौतियों का समाधान करने के लिए आयुष मंत्रालय ने एक अत्यंत प्रभावी पहल की है। केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री प्रतापराव जाधव ने ‘योग महोत्सव 2026’ के गौरवशाली अवसर पर “इन-फ्लाइट वेलनेस प्रोटोकॉल” का अनावरण किया। मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान द्वारा विकसित यह 5 मिनट का योग रूटीन विशेष रूप से उन नियमित हवाई यात्रियों के लिए तैयार किया गया है, जो एक सीमित सीट पर घंटों बिताने के कारण खुद को थका हुआ और तनावग्रस्त महसूस करते हैं। मंत्रालय की यह अभिनव पहल योग के शाश्वत ज्ञान को विमान के केबिन तक ले जाती है, जिससे एक यात्री की साधारण सीट भी कायाकल्प और विश्राम के स्थान में बदल सकती है।
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इस योग प्रोटोकॉल की सबसे बड़ी विशेषता इसकी सरलता और सुगमता है, क्योंकि इसे पूरा करने के लिए किसी विशेष उपकरण या अतिरिक्त स्थान की आवश्यकता नहीं होती। यात्री अपनी सीट पर बैठे-बैठे ही इसकी शुरुआत 15 सेकंड की मौन एकाग्रता से कर सकते हैं, जिसके बाद जोड़ों की हल्की-फुल्की हरकतें जैसे कंधे घुमाना और टखनों में खिंचाव लाना शामिल है जो रक्त संचार को बेहतर बनाने में सहायक होते हैं। इसके पश्चात, बैठकर किए जाने वाले संशोधित आसनों जैसे ताड़ासन और बिल्ली-गाय मुद्रा के जरिए रीढ़ की हड्डी के तनाव को दूर किया जाता है। ऑक्सीजन के प्रवाह को बढ़ाने और तंत्रिका तंत्र को शांत करने के लिए इसमें अनुलोम-विलोम और भ्रामरी जैसे प्राणायामों को भी जोड़ा गया है, जिसका समापन 30 सेकंड के संक्षिप्त ध्यान के साथ होता है।
हवाई यात्रा के दौरान लंबे समय तक गतिहीन रहने से न केवल मांसपेशियों में अकड़न होती है, बल्कि यह डीप वेन थ्रोम्बोसिस (DVT) जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण भी बन सकती है। आयुष सचिव वैद्य राजेश कोटेचा और संयुक्त सचिव सुश्री मोनालिसा डैश ने इस पहल के वैज्ञानिक महत्व पर बल देते हुए कहा कि योग को रोजमर्रा की ऐसी सीमित परिस्थितियों में शामिल करने से समग्र स्वास्थ्य को बढ़ावा मिलता है। यह छोटा सा 5 मिनट का अभ्यास न केवल बेहतर पाचन और जेट लैग से निपटने में सहयोग करता है, बल्कि यात्रियों को उड़ान के दौरान भी अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने में सक्षम बनाता है। आयुष मंत्रालय का यह विजन दर्शाता है कि स्वस्थ रहने के लिए अतिरिक्त समय या स्थान से अधिक महत्वपूर्ण एक सही इरादा है, जो यात्रा के दौरान भी व्यक्ति को संतुलित और तनावमुक्त रख सकता है।

