छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने सेवानिवृत्त अधिकारियों और कर्मचारियों के पेंशन मामलों में आ रही अड़चनों को दूर करते हुए एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। विभाग द्वारा दिनांक 05.03.2026 से जारी “न मांग, न जांच, न घटना प्रमाण पत्र” में अंकित एक शर्त को तत्काल प्रभाव से विलोपित कर दिया गया है।
अब तक इस प्रमाण पत्र में यह शर्त दर्ज थी कि संबंधित के विरुद्ध किसी प्रकार की वसूली या विभागीय जांच की स्थिति निर्मित होने पर इसे स्वमेव निरस्त माना जाएगा। इस शर्त के कारण संयुक्त संचालक, कोष लेख एवं पेंशन द्वारा पेंशन स्वीकृतियों पर लगातार आपत्तियां दर्ज की जा रही थीं, जिससे सेवानिवृत्त अधिकारियों के पेंशन प्रकरणों के अंतिम निराकरण में अनावश्यक विलंब और कठिनाई उत्पन्न हो रही थी।
इन व्यावहारिक समस्याओं को देखते हुए शासन ने निर्देशानुसार इस सशर्त टीप या नोट को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। हालांकि, जो अधिकारी और कर्मचारी आगामी समय में सेवानिवृत्त होने वाले हैं, उनके लिए यह शर्त यथावत मान्य रहेगी।
इस व्यवस्था के सुचारू संचालन के लिए संचालक, संचालनालय कोष, लेखा एवं पेंशन, छत्तीसगढ़ रायपुर को पत्र लिखकर यह निर्देश जारी करने का अनुरोध किया गया है कि वे अपने अधीनस्थ समस्त संयुक्त संचालकों और कोषालय अधिकारियों को इस नए बदलाव के तहत पेंशन प्रकरणों के त्वरित स्वीकृत एवं निराकरण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दें।



