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15 अप्रैल से शुरू होगा शादियों का सीजन, लेकिन मलमास के कारण लगेगा एक महीने का ब्रेक
नई दिल्ली/रांची: चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के शुभ आगमन के साथ ही आगामी 15 अप्रैल से देशभर में मांगलिक कार्यों की रौनक लौटने वाली है। इसी दिन से विवाह के शुभ मुहूर्त शुरू हो जाएंगे और शहनाइयों की गूंज सुनाई देने लगेगी। हालांकि, इस बार शादी की योजना बना रहे परिवारों के लिए समय थोड़ा कम है, क्योंकि यह शुभ सिलसिला केवल 16 मई तक ही चलेगा। इसके ठीक बाद एक महीने का लंबा विराम लग जाएगा।
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धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, 16 मई से 15 जून तक अधिमास यानी मलमास का समय रहेगा। ज्येष्ठ कृष्ण अमावस्या से शुरू होने वाले इस काल में विवाह और अन्य बड़े मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं। इस दौरान सभी शुभ कार्यों पर रोक रहेगी और जनजीवन में एक महीने का आध्यात्मिक ठहराव देखा जाएगा। मलमास की समाप्ति 15 जून को होगी, जिसके बाद 16 जून से स्थितियां सामान्य होंगी और 17 जून से एक बार फिर विवाह समारोहों की धूम शुरू हो जाएगी।
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ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि इस बार विवाह के लिए शुभ तिथियां काफी सीमित हैं। 15 अप्रैल से 15 मई के बीच केवल 8 दिन ही उपलब्ध हैं, जिनमें अप्रैल महीने में 15, 20 और 29 तारीख शामिल है, जबकि मई में 1, 4, 11, 13 और 14 तारीख को शुभ संयोग बन रहे हैं। जून के उत्तरार्ध में 17, 24, 25 और 27 तारीख को मुहूर्त मिलेंगे, वहीं जुलाई के पहले पखवाड़े में 1, 2, 4 और 15 तारीख को शादियां हो सकेंगी। मुहूर्त कम होने और मांग अधिक होने के कारण विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि लोग समय रहते अपनी तैयारियां और बुकिंग पूरी कर लें ताकि अंतिम समय में किसी तरह की परेशानी न हो।

