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मौसम विभाग के अनुसार एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से छत्तीसगढ़ और उससे लगे राज्यों में मौसम बिगड़ने वाला है। मंगलवार 31 मार्च को राज्य के अधिकतर हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की प्रबल संभावना है। विशेष रूप से जशपुर, बलरामपुर, अंबिकापुर (सरगुजा) और बिलासपुर संभाग के जिलों में मौसम विभाग ने येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। यहाँ 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और ओलावृष्टि की चेतावनी दी गई है।
छत्तीसगढ़ का हाल
राजधानी रायपुर, दुर्ग और बस्तर संभाग के जगदलपुर व बीजापुर में भी मौसम का असर दिखेगा। इन क्षेत्रों में हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है। 1 अप्रैल को भी प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की बारिश और गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी। तापमान की बात करें तो अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम 20 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है, हालांकि बारिश के बाद इसमें 2 से 3 डिग्री की गिरावट दर्ज की जा सकती है।
झारखंड और ओडिशा में भी दिखेगा असर
पड़ोसी राज्य झारखंड के रांची, सिमडेगा, गुमला, लोहरदगा, लातेहार, डालटनगंज और जमशेदपुर में मंगलवार को गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। वहीं ओडिशा के राउरकेला, संबलपुर, झारसुगुड़ा, देवगढ़, भुवनेश्वर और पुरी में भी बादल छाए रहेंगे और कुछ स्थानों पर तेज हवाओं के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। तटीय ओडिशा में हवाओं की रफ्तार सामान्य से अधिक रहने की उम्मीद है।
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सुरक्षा को लेकर प्रशासन की अपील
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतें। तेज हवा और बिजली कड़कने के समय खुले मैदानों में न रहें और पेड़ों व बिजली के खंभों से सुरक्षित दूरी बनाकर रखें। किसानों को भी सलाह दी गई है कि वे कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखें ताकि ओलावृष्टि और बारिश से नुकसान कम हो सके।

