रायपुर : 29 मार्च 2026
आज देशभर में मसीही समुदाय द्वारा ‘पाम संडे’ (Palm Sunday) यानी खजूर रविवार पूरी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है और यह दिन उस ‘पवित्र सप्ताह’ (Holy Week) के औपचारिक आरंभ का प्रतीक है जो अगले रविवार को ईस्टर संडे के साथ संपन्न होगा।
राजधानी रायपुर के सेंट पॉल कैथेड्रल से कुनकुरी के महागिरिजाघर सहित देश के तमाम छोटे-बड़े गिरजाघरों में सुबह से ही विशेष आराधना और प्रार्थना सभाओं का आयोजन किया गया है जहाँ श्रद्धालुओं ने हाथों में खजूर की डालियां लेकर भव्य प्रभात फेरी निकाली और ‘होसाना-होसाना’ के जयकारों के साथ प्रभु यीशु मसीह का अभिनंदन किया।
बाइबिल के अनुसार आज ही के दिन प्रभु यीशु मसीह शांति के संदेशवाहक के रूप में एक गधे पर सवार होकर यरूशलेम पहुँचे थे जहाँ वहां की जनता ने उनके स्वागत में अपनी चादरें बिछा दी थीं और हाथों में खजूर की डालियाँ लेकर उनका स्वागत किया था जिसे विजय और शांति का प्रतीक माना जाता है।
पाम संडे के साथ ही मसीही समाज के लिए साल के सबसे पवित्र सात दिनों की शुरुआत हो गई है जिसमें प्रभु यीशु के दुखों, उनके महान बलिदान और फिर पुनरुत्थान को गहराई से याद किया जाता है। इस कड़ी में आगामी 2 अप्रैल को पुण्य गुरुवार (Maundy Thursday) मनाया जाएगा जो प्रभु के अंतिम भोज की याद दिलाता है और इसके बाद 3 अप्रैल को ‘गुड फ्राइडे’ के अवसर पर प्रभु यीशु के क्रूस पर दिए गए सर्वोच्च बलिदान को अत्यंत शोक व मौन प्रार्थना के साथ याद किया जाएगा।
इस पवित्र सप्ताह का समापन 5 अप्रैल को ‘ईस्टर संडे’ के रूप में होगा जब प्रभु यीशु के पुनर्जीवित होने की खुशी में मसीही समाज जश्न मनाएगा। आज के दिन चर्चों में विशेष रूप से खजूर की डालियों को आशीष दी जाती है जिसे लोग अपने घरों में शांति और आशीष के प्रतीक के रूप में ले जाते हैं और यह पर्व पूरी दुनिया को विनम्रता, प्रेम और आपसी भाईचारे का संदेश देता है।

