राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार: विकास की दौड़ में देश की पंचायतें, सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन पर मिल रहे 5 करोड़ तक के इनाम
रायपुर/नई दिल्ली | 11 फरवरी 2026
पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा घोषित ‘राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कारों’ में छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है। सतत विकास लक्ष्यों (LSDG) को जमीनी स्तर पर लागू करने और ग्रामीण विकास के मॉडल में नवाचार करने के लिए राज्य की विभिन्न ग्राम पंचायतों को वित्तीय प्रोत्साहन और सम्मान से नवाजा गया है।
छत्तीसगढ़ की इन पंचायतों ने बढ़ाया मान
केंद्र सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, छत्तीसगढ़ की पंचायतों ने स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर देश भर में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है: सरगुजा जिले के लुंड्रा ब्लॉक के अंतर्गत आने वाली नागम ग्राम पंचायत ने ‘गरीबी मुक्त और उन्नत आजीविका’ की श्रेणी में देश भर में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। इसके लिए पंचायत को 50 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई।धमतरी जिले की नागरी ब्लॉक की सांकरा ग्राम पंचायत को ‘स्वस्थ पंचायत’ की श्रेणी में राष्ट्रीय स्तर पर तीसरा स्थान मिला है। इसके साथ ही, इसी ब्लॉक की हरदीभाटा ग्राम पंचायत ने ‘सामाजिक रूप से सुरक्षित पंचायत’ की श्रेणी में भी अपनी जगह बनाई है।
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इन पंचायतों को पुरस्कार स्वरूप मिली राशि का उपयोग गांव के विकास कार्यों, जैसे बुनियादी ढांचा सुधार और स्वच्छता अभियानों में किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं से जुड़ा विकास
आज रायपुर में हुई कैबिनेट बैठक के निर्णयों के बीच यह राष्ट्रीय रिपोर्ट छत्तीसगढ़ के ग्रामीण विकास की दिशा को और मजबूत करती है। एक ओर जहाँ राज्य सरकार ‘कृषक उन्नति योजना’ के माध्यम से किसानों को होली से पहले 10,000 करोड़ रुपये का एकमुश्त भुगतान करने जा रही है, वहीं दूसरी ओर पंचायतों का यह राष्ट्रीय सम्मान राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की सुदृढ़ता को दर्शाता है।
डिजिटल गवर्नेंस में छत्तीसगढ़ की प्रगति
छत्तीसगढ़ में ‘ई-पंचायत मिशन मोड’ के तहत डिजिटल पारदर्शिता पर विशेष जोर दिया जा रहा है। ई-ग्रामस्वराज पोर्टल के माध्यम से राज्य की पंचायतों ने अपनी ‘ग्राम पंचायत विकास योजनाएं’ (GPDP) अपलोड करने में अग्रणी भूमिका निभाई है। भारतनेट परियोजना के विस्तार से अब बस्तर से लेकर सरगुजा तक की पंचायतों में ऑनलाइन ऑडिट और डिजिटल भुगतान की प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है, जिससे भ्रष्टाचार पर लगाम लगी है और विकास कार्यों में तेजी आई है।
छत्तीसगढ़ की पंचायतों को मिले ये पुरस्कार यह सिद्ध करते हैं कि राज्य में सुशासन और ग्रामीण सशक्तीकरण की दिशा में किए जा रहे प्रयास सही दिशा में हैं। यह न केवल राज्य के लिए गौरव का विषय है, बल्कि अन्य पंचायतों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है।
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