छत्तीसगढ़ का राष्ट्रीय कीर्तिमान: 10 माह में बनाए रिकॉर्ड 5 लाख पीएम आवास, देश में बना नंबर वन राज्य
नई दिल्ली | शुक्रवार, 6 फरवरी 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज ‘परीक्षा पे चर्चा’ के नौवें संस्करण के माध्यम से देशभर के करोड़ों छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों को संबोधित किया। सुबह 10 बजे शुरू हुए इस संवाद में प्रधानमंत्री ने न केवल परीक्षा के तनाव को दूर करने के उपाय बताए, बल्कि जीवन जीने के कौशल (Life Skills) और सफलता के मूलमंत्रों पर भी विस्तार से चर्चा की।
सपनों और मेहनत का संतुलन
प्रधानमंत्री ने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि ऊंचे सपने देखना किसी भी युवा के लिए अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा:
”सपने न देखना अपराध है, लेकिन केवल सपनों में खोए रहना भी बेकार है। सपने तभी हकीकत बनते हैं जब उनके साथ कड़ी मेहनत और निरंतर सीखने की ललक जुड़ी हो।”
सीखने की कला: न बहुत आगे, न पीछे
पढ़ाई के प्रति दृष्टिकोण पर बात करते हुए पीएम मोदी ने एक अनूठा सूत्र दिया। उन्होंने कहा कि छात्र को शिक्षक से बहुत आगे निकल जाने की होड़ या बहुत पीछे छूट जाने के डर, दोनों से बचना चाहिए। छात्र को हमेशा “एक कदम आगे” रहकर सीखने की इच्छा बनाए रखनी चाहिए।
उन्होंने सफलता के लिए दो तरह के कौशल (Skills) को अनिवार्य बताया:
- जीवन कौशल (Life Skills): इसमें सही दिनचर्या, अनुशासन, स्वस्थ आदतें और प्रभावी संवाद शामिल हैं।
- कार्य कौशल (Work Skills): इसके लिए तकनीक की समझ, सतत सीखना और अनुभव से परिपक्व होना जरूरी है।
अब भाषा नहीं बनेगी पर्यटन में बाधा: अपनी ही जुबान में गाइड करेगा ‘1363’ नंबर , महिला पर्यटकों को मिला सुरक्षा कवच, 15 राज्यों में तैनात ‘पर्यटन प्रहरी’,
व्यावहारिक ज्ञान की महत्ता
प्रधानमंत्री ने व्यावहारिक उदाहरण देते हुए कहा कि केवल किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं है। यदि कोई छात्र रेलवे स्टेशन जाकर टिकट लेना नहीं जानता, तो यह जीवन कौशल की कमी है। उन्होंने जोर दिया कि बड़ों के अनुभव से सीखना और परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालना ही असली उन्नति है।
गेमिंग और करियर पर सलाह
संवाद के दौरान एक छात्र ने गेमिंग में करियर बनाने और माता-पिता के विरोध पर सवाल पूछा। इस पर प्रधानमंत्री ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए कहा:
- शुरुआत में परिवार का असहमत होना स्वाभाविक है।
- शांत रहकर अपने काम पर ध्यान दें और खुद को साबित करें।
- जब आपकी सफलता बोलेगी, तो परिवार और समाज दोनों सम्मान के साथ आपके साथ खड़े होंगे।
नवाचार को पंख: ₹1 लाख करोड़ के RDI फंड का पहला कॉल लॉन्च, स्टार्टअप्स को बिना गारंटी 2% ब्याज पर मिलेगा लोन
संसाधन नहीं, संकल्प दिलाता है सफलता
सीमित सुविधाओं और छोटे घरों में रहने वाले छात्रों की चिंताओं को दूर करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि क्षमता सुविधाओं की मोहताज नहीं होती। उन्होंने उदाहरण दिया कि हर साल बोर्ड परीक्षाओं में टॉप करने वाले अधिकांश छात्र छोटे गांवों और साधारण परिवारों से होते हैं। यह साबित करता है कि सफलता का आधार ‘वातावरण’ नहीं बल्कि ‘निरंतर प्रयास’ है।
नया अंदाज, नई ऊर्जा
इस वर्ष का कार्यक्रम पिछले वर्षों की तुलना में अधिक जीवंत रहा, जिसमें छात्रों के प्रश्नों को प्राथमिकता दी गई। कार्यक्रम का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि सही दिशा में किया गया हर छोटा प्रयास ही भविष्य की बड़ी सफलता की नींव रखता है।

