AI और आधुनिक हुनर से लैस होगा युवा भारत: 5 लाख से अधिक छात्रों ने सीखी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, 1.64 करोड़ युवाओं को मिला ‘स्किल इंडिया’ का प्रमाणपत्र ,’PM सेतु’ योजना से संवरेगा 1000 ITI का भविष्य

नई दिल्ली: भारत सरकार ने देश के नवाचार और स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को नई ऊर्जा देने के लिए एक ऐतिहासिक वित्तीय पहल की शुरुआत की है। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (ANRF) के तहत टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट बोर्ड (TDB) का पहला अनुसंधान, विकास और नवाचार (RDI) फंड कॉल आधिकारिक तौर पर लॉन्च किया। यह पहल विशेष रूप से उन स्वदेशी तकनीकों के व्यावसायीकरण पर केंद्रित है, जिन्हें प्रयोगशालाओं से निकालकर बड़े स्तर पर बाजार में उतारने के लिए भारी निवेश की आवश्यकता होती है। डॉ. सिंह ने इस कदम को पारंपरिक सरकारी फंडिंग मॉडल से एक क्रांतिकारी बदलाव बताया, जो निजी क्षेत्र के स्टार्टअप्स को रणनीतिक क्षेत्रों में आगे बढ़ने का सीधा मौका देगा।

देशभर में 723 एकलव्य मॉडल स्कूलों को मंजूरी,आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे छात्र] डिजिटल कौशल के लिए अमेज़न से मिला हाथ

इस योजना की सबसे बड़ी ताकत इसका 1 लाख करोड़ रुपये का विशाल कोष और कर्ज लेने की आसान शर्तें हैं। सरकार ने नवाचारी उद्यमियों को मात्र 2 से 4 प्रतिशत की रियायती ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराने का प्रावधान किया है, जिसकी पुनर्भुगतान अवधि 15 वर्ष तक रखी गई है। स्टार्टअप्स की सबसे बड़ी बाधा ‘गारंटी’ को दूर करते हुए, इस फंड के तहत बिना किसी व्यक्तिगत या कॉर्पोरेट गारंटी के वित्तपोषण प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा, ऋण के साथ-साथ इक्विटी और हाइब्रिड मॉडल का विकल्प भी दिया गया है, ताकि उद्यम की जरूरत के अनुसार वित्तीय जोखिम को कम किया जा सके।

डिजिटल सुरक्षा : 28 लाख चोरी के फोन ट्रेस, 2.24 करोड़ फर्जी सिम बंद और सुरक्षित हुए नागरिकों के ₹1000 करोड़

यह फंड विशेष रूप से उन प्रोजेक्ट्स को समर्थन देने के लिए डिज़ाइन किया गया है जो टेक्नोलॉजी रेडीनेस लेवल (TRL) 4 या उससे ऊपर के स्तर पर पहुंच चुके हैं। सरकार का मुख्य ध्यान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ऊर्जा और डीप-टेक जैसे भविष्य के क्षेत्रों पर है, जहाँ जोखिम अधिक होने के कारण निजी निवेश आसानी से नहीं मिल पाता। योजना के तहत, सरकार कुल प्रोजेक्ट लागत का 50 प्रतिशत तक फंड मुहैया कराएगी, बशर्ते बाकी की आधी राशि कंपनी या निजी निवेशकों द्वारा लगाई जाए। पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और तेज बनाने के लिए सरकार ने प्रस्तावों के मूल्यांकन और अनुमोदन के लिए 8 सप्ताह की सख्त समयसीमा तय की है।

सरकारी स्कूलों में ‘कॉन्वेंट’ जैसा लुक: छत्तीसगढ़ के 60 लाख बच्चों को मिलेगी नई यूनिफॉर्म

मंत्री ने बताया कि नवंबर 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लॉन्च किए गए इस विजन को अब धरातल पर उतारा जा रहा है, जिसकी प्रतिक्रिया के रूप में पहले ही 191 प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह फंड अनुदान (Grant) देने के बजाय एक टिकाऊ व्यावसायिक मॉडल बनाने पर केंद्रित है, ताकि भारत की नवाचार-आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके। इस पहल के माध्यम से अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा जैसे क्षेत्रों को निजी भागीदारी के लिए खोलने के सरकार के दीर्घकालिक दृष्टिकोण को भी वित्तीय मजबूती मिलेगी, जिससे ‘मेक इन इंडिया’ की तकनीक वैश्विक बाजार में अपनी धाक जमा सकेगी।

‘मिशन मौसम’ से बदला भारत: पूर्वानुमान की सटीकता में 40% तक का सुधार, अब रडार की जद में आया देश का 87% हिस्सा

Share.

About Us

CG NOW एक भरोसेमंद और निष्पक्ष न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो आपको छत्तीसगढ़, भारत और दुनिया भर की ताज़ा, सटीक और तथ्य-आधारित खबरें प्रदान करता है। हमारी प्राथमिकता है जनता तक सही और निष्पक्ष जानकारी पहुँचाना, ताकि वे हर पहलू से जागरूक और अपडेटेड रहें।

Contact Us

Syed Sameer Irfan
📞 Phone: 94255 20244
📧 Email: sameerirfan2009@gmail.com
📍 Office Address: 88A, Street 5 Vivekanand Nagar, Bhilai 490023
📧 Email Address: cgnow.in@gmail.com
📞 Phone Number: 94255 20244

© 2025 cgnow.in. Designed by Nimble Technology.

error: Content is protected !!
Exit mobile version