विशेष संवाददाता | रायपुर
छत्तीसगढ़ के सरकारी विभागों और शासकीय कार्यालयों में अब बिजली का उपयोग करने की व्यवस्था पूरी तरह बदलने जा रही है। निजी मोबाइल फोन की तर्ज पर अब सरकारी दफ्तरों में भी ”पहले भुगतान, फिर उपयोग” (Pre-paid) का कॉन्सेप्ट लागू होने जा रहा है। केंद्र सरकार की योजना की शर्तों को पूरा करने और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि 1 अगस्त 2026 से सभी शासकीय बिजली कनेक्शनों को अनिवार्य रूप से प्री-पेड बिलिंग प्रणाली से जोड़ दिया जाएगा।
इस नई व्यवस्था को बिना किसी अड़चन के लागू करने और अधिकारियों की शंकाओं के समाधान के लिए ऊर्जा विभाग द्वारा एक विशेष ‘ओरिएंटेशन कार्यशाला’ का आयोजन कर सभी विभागों के सचिवों, विभागाध्यक्षों और जिला कलेक्टरों को विस्तृत निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
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दो चरणों में लागू होगी रीचार्ज व्यवस्था
ऊर्जा विभाग द्वारा जारी मार्गदर्शिका के अनुसार, प्रदेश में कुल 1,65,727 शासकीय बिजली कनेक्शन हैं, जिनमें से 1,43,800 कनेक्शनों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं।
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पहला चरण (1 अगस्त 2026 से): विकासखंड (ब्लॉक) स्तर एवं उससे उच्च स्तर तक के सभी शासकीय दफ्तरों में प्री-पेड व्यवस्था प्रभावी होगी। इस चरण में लगभग 39,326 कनेक्शन आएंगे।
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दूसरा चरण: ब्लॉक स्तर से निचले स्तर के सभी शासकीय कार्यालयों और भवनों में प्री-पेड बिलिंग का काम चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा।
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₹3,432 करोड़ का बकाया: 4 किश्तों में चुकाना होगा पुराना बिल
राज्य के सरकारी विभागों पर बिजली बिल का भारी-भरकम बोझ है। मार्च 2026 तक यह बकाया 2,883.42 करोड़ रुपये था, जो जून 2026 की स्थिति में अनुमानित 3,432.64 करोड़ रुपये पहुंच गया है। 30 जून 2026 की स्थिति में विभागवार पुरानी बकाया राशि को फ्रीज कर दिया जाएगा। विभागों को इस बकाया राशि का भुगतान 4 समान तिमाहियों (जुलाई 2026 से मार्च 2027) में किश्तों के रूप में बैंक खाते में जमा करना होगा। 31 मार्च 2027 तक संपूर्ण पुराना बकाया शून्य करना अनिवार्य होगा।
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बिजली बिल बकाया में ये हैं प्रदेश के ‘शीर्ष 5’ विभाग
30 जून 2026 तक की स्थिति में सबसे ज्यादा बिजली बिल दबाकर बैठने वाले शीर्ष 5 सरकारी विभाग इस प्रकार हैं:
| विभाग का नाम | अनुमानित बकाया राशि (करोड़ रुपये में) |
| नगरीय प्रशासन एवं विकास | 1674.40 |
| पंचायत एवं ग्रामीण विकास | 891.82 |
| जल संसाधन विभाग | 199.24 |
| लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) | 111.23 |
| स्कूल शिक्षा विभाग | 80.51 |
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रीचार्ज खत्म होने से 7 दिन पहले मिलेगा अलर्ट, ऐप से मिलेगी आपात राहत
नई व्यवस्था के तहत दफ्तरों की बिजली अचानक गुल न हो, इसके लिए एक मजबूत निगरानी तंत्र बनाया गया है:
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शासकीय कनेक्शनों के लिए विभागवार या जिलेवार ‘यूनिक ग्रुप आईडी’ बनेगी और हर ग्रुप के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त होगा।
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रीचार्ज समाप्त होने से 7 दिन, 3 दिन और 1 दिन पहले पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस (SMS) और व्हाट्सऐप से अलर्ट भेजा जाएगा।
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यदि किसी माह रीचार्ज बैलेंस माइनस (ऋणात्मक) हो जाता है, तो माह की अंतिम तिथि से पहले भुगतान करने पर कोई सरचार्ज नहीं लगेगा।
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बैलेंस खत्म होने पर लाइन कटने के बाद ”मोर बिजली ऐप” चैटबॉट से एक बार आपातकालीन रीक्वेस्ट भेजकर 7 दिनों के लिए अस्थायी बिजली शुरू कराई जा सकेगी।
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क्यों उठाना पड़ा यह कड़ा कदम?
भारत सरकार की आरडीएसएस (RDSS) योजना के तहत सरकारी दफ्तरों में स्मार्ट मीटरिंग और प्री-पेड बिलिंग अनिवार्य की गई है। छत्तीसगढ़ द्वारा यह शर्त पूरी न होने के कारण केंद्र सरकार ने राज्य को मिलने वाली अनुदान राशि का एक तिहाई (1/3) हिस्सा रोक लिया है। इसी वित्तीय नुकसान से बचने के लिए ऊर्जा विभाग ने 1 अगस्त से इसे सख्ती से लागू करने का आदेश जारी किया है।



