रांची: राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने और अपराध पर लगाम लगाने के लिए रांची पुलिस अब पूरी तरह हाईटेक मोड में नजर आ रही है। एसएसपी राकेश रंजन ने जिले की पेट्रोलिंग व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए सख्त रुख अख्तियार किया है। इसी कड़ी में कम्पोजिट कंट्रोल रूम में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें पेट्रोलिंग वाहनों की गतिविधियों पर आधुनिक तकनीक के जरिए सीधी नजर रखने की योजना को अंतिम रूप दिया गया।
सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजामों के तहत जिले के सभी पेट्रोलिंग वाहनों को अब जीपीएस सिस्टम से लैस कर दिया गया है। इस आधुनिक प्रणाली की मदद से पुलिस मुख्यालय को हर वाहन की सटीक लोकेशन, उसके मूवमेंट की दिशा और गंतव्य तक पहुँचने में लगने वाले समय की रियल टाइम जानकारी मिलती रहेगी। एसएसपी ने स्पष्ट किया है कि इन सभी वाहनों की मॉनिटरिंग अब सीधे कम्पोजिट कंट्रोल रूम से की जाएगी, जिससे यह स्पष्ट रहेगा कि किस इलाके में पुलिस की मौजूदगी कितनी सक्रिय है और कहाँ गश्त बढ़ाने की आवश्यकता है।
इस तकनीकी बदलाव का सबसे बड़ा लाभ आपातकालीन स्थितियों में देखने को मिलेगा। किसी भी अप्रिय घटना या इमरजेंसी कॉल की सूचना मिलते ही कंट्रोल रूम अपने डिजिटल मैप पर सबसे नजदीकी पेट्रोलिंग वाहन को देख सकेगा और उसे तुरंत मौके पर रवाना कर पाएगा। इससे घटनास्थल पर पुलिस का ‘रिस्पॉन्स टाइम’ काफी कम हो जाएगा और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी।
पुलिस प्रशासन का मानना है कि इस हाईटेक निगरानी प्रणाली के लागू होने से न केवल अपराधियों में खौफ पैदा होगा, बल्कि आम जनता के बीच भी सुरक्षा का भाव मजबूत होगा। अधिकारियों के अनुसार, इस व्यवस्था से पूरी पेट्रोलिंग प्रक्रिया में जवाबदेही तय होगी और पुलिसिंग का एक नया स्तर रांची जिले में देखने को मिलेगा।

