मुंगेली:
छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के ग्राम नेवासपुर स्थित माध्यमिक शाला में भारी बारिश के बाद उपजी जलभराव और कीचड़ की समस्या अब बड़े राजनीतिक और प्रशासनिक विवाद का रूप ले चुकी है। एक तरफ जहां प्रदेश कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर इस बदहाली की तस्वीर साझा करते हुए उप मुख्यमंत्री के गृह जिले की शैक्षणिक व्यवस्थाओं और सरकार के विकास के दावों पर सीधे सवाल खड़े किए हैं, वहीं दूसरी तरफ मुंगेली कलेक्टर कुन्दन कुमार ने मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है।
सोशल मीडिया पर मामला उजागर होते ही कलेक्टर कुन्दन कुमार ने जिला शिक्षा अधिकारी को तुरंत मौके की जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही स्कूल परिसर की इस गंभीर अव्यवस्था की जानकारी समय पर जिला प्रशासन को न देने को भारी लापरवाही मानते हुए विकासखंड शिक्षा अधिकारी विमित्रा घृतलहरे, विद्यालय के प्रधान पाठक और संबंधित संकुल समन्वयक को कारण बताओ नोटिस जारी करने का आदेश दिया है।
दरअसल, नेवासपुर का यह माध्यमिक विद्यालय निचले (लो-लाइन) इलाके में स्थित है। बीते दिनों हुई मूसलाधार बारिश के चलते पूरे स्कूल परिसर में पानी भर गया और चारों तरफ कीचड़ फैल गया, जिससे विद्यार्थियों और शिक्षकों को भारी दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है। इस स्थिति के बावजूद स्थानीय स्तर के अधिकारियों ने जिला प्रशासन को समय रहते कोई सूचना नहीं दी, जिससे कलेक्टर ने गहरी नाराजगी जताई है।
कलेक्टर कुन्दन कुमार ने कड़े लहजे में स्पष्ट किया है कि बच्चों की सुरक्षा, स्वच्छता और बेहतर शैक्षणिक माहौल से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा। जिले के हर स्कूल में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की पहली प्राथमिकता है। इससे पहले भी समीक्षा बैठकों में नियमित निरीक्षण और समस्याओं की तत्काल सूचना देने के आदेश दिए गए थे। अब प्रशासन ने सख्ती बढ़ाते हुए विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों को स्कूलों का नोडल अधिकारी बनाकर नियमित निरीक्षण और सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।

