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रायपुर, 5 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ में सरकारी कार्यालयों के बिजली कनेक्शनों को 1 अगस्त से प्रीपेड करने की महत्वाकांक्षी योजना फिलहाल विभागों की लेटलतीफी के कारण अटक गई है। ऊर्जा विभाग के निर्देशों के बावजूद अधिकांश विभागों ने तीन माह का एडवांस बिजली बिल जमा नहीं किया है। अब विभागों को एडवांस राशि जमा करने के लिए 10 अगस्त तक का अल्टीमेटम दिया गया है।
योजना के तहत प्रदेश के छोटे-बड़े 71 विभागों का ग्रुप बनाकर उन्हें 31 जुलाई तक एडवांस राशि जमा करनी थी। लेकिन, क्रेडा और लोक निर्माण विभाग (PWD) सहित महज चार विभागों ने ही यह राशि जमा की है। यदि सभी विभाग 10 अगस्त तक पैसा जमा कर देते हैं, तो 11 अगस्त से कनेक्शन प्रीपेड कर दिए जाएंगे।
4 हजार करोड़ का बकाया होगा फ्रीज
सरकारी विभागों पर बिजली बिल का बकाया लंबे समय से पावर कंपनी के लिए सिरदर्द रहा है। वर्तमान में यह बकाया 4,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। नई व्यवस्था के तहत जैसे ही कनेक्शन प्रीपेड होंगे, इस पुराने बकाये को फ्रीज कर दिया जाएगा। इस राशि का भुगतान आगामी चार तिमाहियों (Quarterly) में समान किस्तों में किया जाएगा।
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डेढ़ लाख स्मार्ट मीटर लग चुके हैं
प्रदेशभर में पुराने मीटरों को बदलकर स्मार्ट मीटर लगाने का काम तेजी से चल रहा है। अब तक लगभग 1.5 लाख सरकारी विभागों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। इस नई प्रीपेड रिचार्ज व्यवस्था के सुचारू संचालन के लिए हर विभाग को एक विशेष कोड दिया गया है और विभागवार नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं।
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योजना का क्रियान्वयन दो चरणों में होगा:
प्रथम चरण (अगस्त 2026): विकासखंड (ब्लॉक) और उससे ऊपर के स्तर के सभी शासकीय कार्यालयों में प्रीपेड बिलिंग की शुरुआत होगी।
द्वितीय चरण: विकासखंड से निचले स्तर के कार्यालयों को इस व्यवस्था से जोड़ा जाएगा।
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सभी जिलों के कलेक्टरों ने संबंधित विभागों के नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने कार्यालयों में तत्काल प्रभाव से प्रीपेड रिचार्ज प्रक्रिया शुरू करें, ताकि पावर कंपनी की यह योजना बिना किसी और देरी के लागू हो सके।

