वैश्विक व्यापार के नक्शे पर भारत की स्थिति को और अधिक मजबूत करने तथा नए मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) का अधिकतम लाभ उठाने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़े अभियान की रूपरेखा तैयार की है। इसके तहत वर्ष 2030 तक देश के 570 जिलों को आधुनिक निर्यात हब के रूप में विकसित किया जाएगा।
इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य उभरते हुए निर्यातकों और छोटे उद्यमियों को सीधे ई-कॉमर्स निर्यात मंचों से जोड़ना है, ताकि वे दुनिया के किसी भी कोने में अपने उत्पाद आसानी से बेच सकें।
जिला स्तर पर निर्यात की संभावनाओं को मूर्त रूप देने के लिए स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप ढालने की रणनीति पर युद्धस्तर पर काम चल रहा है। इस पूरी योजना में ‘एक जिला, एक उत्पाद’ (ओडीओपी) कार्यक्रम को केंद्र सरकार की जिला-आधारित निर्यात रणनीति के साथ गहराई से एकीकृत किया जा रहा है।
इसके माध्यम से देश के हर जिले के अनूठे, पारंपरिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाई जाएगी। कृषि उत्पादों, पारंपरिक हस्तशिल्प, जीआई (भौगोलिक संकेतक) टैग प्राप्त वस्तुओं, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) को इस अभियान के केंद्र में रखा गया है।
हाल ही में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की अध्यक्षता में आयोजित व्यापार परिषद की बैठक में इस दिशा में ठोस रणनीतिक निर्णय लिए गए हैं। सरकार का फोकस केवल बुनियादी ढांचा तैयार करने पर ही नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर क्षमता निर्माण पर भी है।
इसके तहत नए निर्यातकों को उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार करने, अंतरराष्ट्रीय स्तर की पैकेजिंग विकसित करने, आधुनिक लॉजिस्टिक्स सुविधाएं जुटाने, टेस्टिंग लैब तक पहुंच बनाने और ग्लोबल मार्केटिंग की बारीकियां सिखाने के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाएंगे।
जिला निर्यात हब के मौजूदा मजबूत संस्थागत ढांचे को अब नई वैश्विक चुनौतियों के अनुकूल ढालकर वास्तविक और परिणाम-उन्मुख निर्यात आंकड़ों में बदलने का समय आ गया है। इस दूरदर्शी अभियान के धरातल पर उतरने से देश के छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों के नए उद्यमियों को वैश्विक आपूर्ति शृंखला से जुड़ने के अभूतपूर्व अवसर मिलेंगे।
इससे न केवल एमएसएमई क्षेत्र की भागीदारी मजबूत होगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होने के साथ-साथ देश के कुल निर्यात में जिलों की हिस्सेदारी भी उल्लेखनीय रूप से बढ़ेगी।


