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रायपुर 06 जनवरी 2026। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने शिक्षकों पर निजी मोबाइल के माध्यम से शासकीय ऐप द्वारा उपस्थिति दर्ज कराने के दबाव को निजता पर सीधा हमला और वित्तीय जोखिम बढ़ाने वाला फैसला बताया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने इस व्यवस्था को तुगलकी फरमान करार देते हुए राज्य सरकार पर दोहरे चरित्र का आरोप लगाया है।
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कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि एक ओर सरकार स्कूलों में मोबाइल उपयोग पर प्रतिबंध की बात करती है वहीं दूसरी ओर शिक्षकों को निजी मोबाइल पर इंटरनेट अनिवार्य कर शासकीय ऐप से उपस्थिति दर्ज कराने के लिए मजबूर कर रही है। यह न केवल अव्यावहारिक है बल्कि सरकार की शिक्षकों के प्रति अविश्वास की मानसिकता को भी दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार में डूबी सरकार अपने ही कर्मचारियों पर भरोसा नहीं कर पा रही है और ऐसे निर्णय थोपकर गुरुजनों को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रही है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने मांग की है कि प्रत्येक विद्यालय में बायोमेट्रिक मशीन और स्थायी इंटरनेट सुविधा उपलब्ध कराई जाए। साथ ही शासकीय कार्यों के लिए हर स्कूल को लैपटॉप प्रदान किया जाए। सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि बिना वित्तीय सुरक्षा और भरोसे के निजी मोबाइल पर शासकीय एप थोपना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में शिक्षक लगातार साइबर ठगी के शिकार हो रहे हैं। फर्जी डीपीआई अधिकारी पुलिस अधिकारी या बैंक अधिकारी बनकर कॉल कर शिक्षकों से ठगी के मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे हालात में निजी मोबाइल पर शासकीय ऐप का दबाव शिक्षकों को और अधिक वित्तीय खतरे में डालता है। उपस्थिति दर्ज करने के लिए सुरक्षित और आधिकारिक संसाधनों का ही उपयोग किया जाना चाहिए जिससे शिक्षकों की निजता और आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
कांग्रेस ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए व्यापक सुझाव भी रखे हैं। इनमें शिक्षकों के साथ साथ विद्यार्थियों की भी बायोमेट्रिक उपस्थिति हर स्कूल में सफाई कर्मचारी और लिपिक की नियुक्ति बच्चों की अनुपस्थिति के लिए अभिभावकों की जिम्मेदारी तय करना शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करना स्कूलों में फोन के अनुचित उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध बच्चों की वार्षिक परीक्षा किसी स्वतंत्र संस्था से कराना और उसी आधार पर शिक्षकों की जवाबदेही तय करना सभी पुस्तकों को अनिवार्य रूप से एनसीईआरटी का करना समय पर किताबें गणवेश साइकिल और छात्रवृत्ति का वितरण सभी स्कूलों में सौर ऊर्जा संयंत्र लगाना हेडमास्टर को प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार देना तथा नए सेटअप के नाम पर शिक्षकों के न्यूनतम पदों में की गई कटौती को वापस लेना शामिल है।
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प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कहा है कि जब तक सरकार इन बुनियादी मांगों पर गंभीरता से अमल नहीं करती तब तक प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता में वास्तविक सुधार संभव नहीं है।

