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बिलासपुर, 21 जुलाई 2026: छत्तीसगढ़ में शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया को लेकर चल रही जनहित याचिका पर बिलासपुर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान राज्य सरकार ने कोर्ट में विस्तृत हलफनामा पेश किया, जिसमें प्रवेश प्रक्रिया और वित्तपोषण से जुड़ी ताजा जानकारी दी गई है।
अगस्त तक चलेगी प्रवेश प्रक्रिया:
सरकार ने कोर्ट को बताया कि 6 जुलाई 2026 को प्रदेश के सभी 33 जिलों में आरटीई के तहत बची हुई सीटों के लिए दूसरी लॉटरी आयोजित की गई थी। इस प्रक्रिया के तहत 1,174 बच्चों का चयन किया गया और 8 जुलाई से 17 जुलाई 2026 तक उनका प्रवेश कराया गया। शेष रिक्त सीटों को भरने के लिए विभाग व्यापक प्रचार-प्रसार कर रहा है और यह प्रक्रिया अगस्त तक चलेगी।
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हाईकोर्ट के तीखे सवाल:
कोर्ट ने राज्य सरकार से सवाल किया कि जब शैक्षणिक सत्र अप्रैल में ही शुरू हो चुका है, तो ये गरीब बच्चे पढ़ाई कब शुरू करेंगे और उनका पाठ्यक्रम (कोर्स) कैसे पूरा होगा?अदालत ने यह भी पूछा कि क्या सरकार इन बच्चों के लिए कोई विशेष या अलग से व्यवस्था करने जा रही है?
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339.73 करोड़ रुपए की प्रतिपूर्ति राशि जारी:
हलफनामे के मुताबिक, निजी गैर-अनुदान प्राप्त स्कूलों को आरटीई प्रवेश की एवज में वर्ष 2024-25 और 2025-26 के लिए 339 करोड़ 73 लाख 36 हजार रुपए की प्रतिपूर्ति राशि स्वीकृत कर लोक शिक्षण संचालनालय के खाते में भेज दी गई है।
सरकार ने स्पष्ट किया कि 10 जून 2026 के आदेश के तहत निजी स्कूल संचालकों की प्रतिपूर्ति राशि बढ़ाने की मांग को खारिज कर दिया गया है, क्योंकि वर्तमान राशि पर्याप्त है।
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