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रायपुर:
छत्तीसगढ़ में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता को लेकर शिक्षकों का आक्रोश अब सड़कों पर दिखाई दे रहा है। टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया की छत्तीसगढ़ इकाई ने इस नियम के विरोध में आज प्रदेश व्यापी आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। संगठन की योजना के अनुसार आज, 29 अप्रैल को सुबह 11 बजे प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में शिक्षक एकत्र होकर जिला कलेक्टर के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को ज्ञापन सौंपेंगे।
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टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष केदार जैन और मनीष मिश्रा के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में टीईटी की अनिवार्यता को खत्म करने की मांग की जा रही है। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि यह नियम शिक्षकों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है और इसके खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाना समय की मांग है।
इस मुहिम को सफल बनाने के लिए संगठन के प्रमुख नेता रविन्द्र राठौर, विकास राजपूत, जाकेश साहू, प्रदीप पांडे, कमलेश बिसेन, रामचंद सोनवंशी, विक्रम राय और राजनारायण द्विवेदी ने मोर्चा संभाल लिया है।
आज होने वाले इस प्रदर्शन में टीएफआई छत्तीसगढ़ के समस्त घटक संगठनों के जिला एवं ब्लॉक पदाधिकारियों को भी बड़ी संख्या में पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं।
इन सभी नेताओं का कहना है कि सरकार को शिक्षकों की जायज मांगों पर विचार करते हुए टीईटी की अनिवार्यता को तुरंत वापस लेना चाहिए। आज प्रदेश के हर जिले में होने वाले इस शक्ति प्रदर्शन से शासन को शिक्षकों की एकजुटता का संदेश दिया जाएगा। प्रशासन ने भी बड़ी संख्या में शिक्षकों के जुटने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा के आवश्यक इंतजाम किए हैं।

