बिलासपुर:
छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में पिछले 24 घंटों में हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। शहर के निचले इलाकों से लेकर मुख्य सड़कों तक पानी भर गया है, जिससे कई क्षेत्र टापू में तब्दील हो गए हैं। प्रशासन के जल निकासी के सभी दावे बारिश के पहले ही झोंके में बह गए हैं।
दोमहानी में बाढ़ का विकराल रूप
बिलासपुर-दोमहानी इलाके में स्थिति सबसे ज्यादा भयावह है। यहां बाढ़ के पानी ने 10 से अधिक मकानों को अपनी चपेट में ले लिया है, जिससे कई परिवार रातभर अपने घरों में फंसे रहे। छोटे बच्चों सहित अन्य लोग भूख और प्यास से बेहाल नजर आए। लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण लोगों में दहशत का माहौल है और वे राहत-बचाव दल की राह देख रहे हैं।
सरकंडा बंधवापारा में प्रशासन ने संभाला मोर्चा
सरकंडा के बंधवापारा क्षेत्र में भी घरों के भीतर पानी घुस गया है, जिसके चलते निवासियों को अपना घर छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा है। सूचना मिलते ही प्रशासन की टीम हरकत में आई और प्रभावितों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने का काम तेजी से शुरू कर दिया है।
निगम के दावों की पोल खुली
नगर निगम ने मानसून से पहले शहर में जलभराव न होने के बड़े-बड़े दावे किए थे, लेकिन आज की स्थिति ने उन दावों की पोल खोलकर रख दी है। बारिश के कारण जलभराव के अलावा कई इलाकों में बिजली गुल होने से भी आम जनता भारी हलाकान है। प्रशासन की ओर से अब राहत कार्य जारी हैं, लेकिन बारिश का सिलसिला जारी रहने से खतरा अभी भी टला नहीं है।

