Mahindra एंड Mahindra ने ऑटोमोबाइल सेक्टर में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कंपनी के पुणे के पास स्थित Mahindra Chakan Plant ने 30 लाख वाहनों का उत्पादन पूरा कर लिया है। इस उपलब्धि की खास बात यह है कि आखिरी 10 लाख गाड़ियां केवल 27 महीनों में तैयार की गई हैं, जो कंपनी की बढ़ती उत्पादन क्षमता और SUV की मजबूत मांग को दर्शाता है।
दिसंबर 2009 में शुरू हुए इस प्लांट से बनी 30 लाखवीं गाड़ी Mahindra BE 6 है। कंपनी का कहना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों और आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग तकनीकों पर बढ़ते फोकस ने उत्पादन की गति को नई ऊंचाई तक पहुंचाया है।
तेजी से बढ़ी उत्पादन क्षमता
Mahindra के आंकड़े बताते हैं कि समय के साथ उत्पादन में जबरदस्त तेजी आई है।
- पहले 10 लाख वाहन बनाने में लगे 107 महीने
- आखिरी 10 लाख वाहन तैयार हुए सिर्फ 27 महीनों में
- प्लांट का कुल क्षेत्रफल लगभग 657 एकड़
- यहां पैसेंजर, इलेक्ट्रिक और कमर्शियल वाहनों का उत्पादन होता है
एक ही प्लांट में बनते हैं 19 मॉडल
फिलहाल Mahindra Chakan Plant में 19 मॉडल और 450 से अधिक वेरिएंट तैयार किए जाते हैं। यहां अलग-अलग प्लेटफॉर्म और पावरट्रेन वाली गाड़ियों का एक साथ उत्पादन संभव है।
इस प्लांट में बनने वाले प्रमुख मॉडल:
- Scorpio N
- Thar
- XUV 3XO
- XUV700
- BE 6
- XEV 9e
कंपनी के अनुसार घरेलू बाजार के साथ-साथ विदेशी बाजारों में भी इन SUVs की मांग लगातार बढ़ रही है।
AI और रोबोटिक्स से हो रहा हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग
महिंद्रा ने अपने चाकन प्लांट को आधुनिक तकनीकों से लैस किया है। यहां Industry 4.0, Artificial Intelligence (AI), Internet of Things (IoT), 5G कनेक्टिविटी और डिजिटल ट्रेसबिलिटी जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
प्लांट की प्रमुख तकनीकी खूबियां:
- लगभग 1,500 रोबोट काम करते हैं
- बॉडी शॉप में 98% से अधिक ऑटोमेशन
- रोबोटिक पेंटिंग और ऑटोमेटेड सीलेंट सिस्टम
- रियल-टाइम वेल्ड मॉनिटरिंग
- 3D कंपोनेंट स्कैनिंग
- “No Fault Forward” क्वालिटी सिस्टम
पर्यावरण के प्रति भी खास फोकस
Mahindra Chakan Plant केवल उत्पादन ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के मामले में भी आगे है। प्लांट की आधे से ज्यादा बिजली की जरूरत रिन्यूएबल एनर्जी से पूरी होती है, जबकि इलेक्ट्रिक वाहनों का उत्पादन पूरी तरह हरित ऊर्जा से किया जाता है।
इसके अलावा प्लांट को Zero Waste to Landfill सर्टिफिकेट मिला है। यहां हर साल लगभग 9.91 लाख किलोलीटर वर्षा जल का संरक्षण किया जाता है और फैक्ट्री जितना पानी इस्तेमाल करती है, उससे अधिक प्रकृति को वापस लौटाने का दावा करती है।
भविष्य की रणनीति
महिंद्रा का चाकन प्लांट दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड सहित कई देशों में वाहनों के निर्यात का प्रमुख केंद्र भी है। आने वाले समय में कंपनी की नई इलेक्ट्रिक SUVs और वैश्विक विस्तार की रणनीति में यह प्लांट महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। ताज़ा खबरों और अपडेट्स के लिए हमें Facebook और Instagram पर फॉलो करें।

