छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में इस बार ठंड ने पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। जनवरी की शुरुआत के साथ ही शीतलहर का ऐसा प्रचंड प्रहार देखने को मिल रहा है, जिसने पूरे जिले को कंपकंपाने पर मजबूर कर दिया है। जशपुर में न्यूनतम तापमान 1 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है, कड़ाके की ठंड का असर गुरुवार सुबह उस वक्त साफ दिखाई दिया, जब कई घरों और गाड़ियों की छतों पर बर्फ की परत जमी हुई नजर आई और खेतों में जमा पानी पूरी तरह बर्फ में तब्दील हो गया।

सरगुजा संभाग में भी शीतलहर का व्यापक असर देखा जा रहा है। मैनपाट और समरी जैसे पहाड़ी इलाकों में रात का तापमान बेहद नीचे चला गया है। यहां भी खेतों में पाला पड़ने और खुले स्थानों पर जमी बर्फ ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मैनपाट में सुबह के समय सड़क किनारे और घास पर सफेद परत दिखाई दी, वहीं समरी क्षेत्र में भी अत्यधिक ठंड के कारण आम जनजीवन प्रभावित हुआ है।
झारखंड में ठंड और तेज, 2 से 3 डिग्री तक और गिरेगा पारा, 7 जनवरी तक शीतलहर का अलर्ट
ठंड के इस प्रकोप से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सुबह के समय घना कोहरा और जमा हुई ओस के कारण दृश्यता काफी कम रही। सड़कों पर आम दिनों की तुलना में आवाजाही बेहद कम दिखी। ग्रामीण इलाकों में लोग अलाव जलाकर ठंड से बचने की कोशिश करते नजर आए, वहीं शहरों में भी लोग जरूरी कामों के अलावा घरों से निकलने से बचते रहे। ठंडी हवाओं के कारण रात के समय कंपकंपी और बढ़ गई है।
क्या राज्यों के कर्मचारियों को भी केंद्र के साथ मिलेगी बढ़ी सैलरी? वेतन आयोग को लेकर स्थिति साफ

खेती-किसानी पर भी ठंड का असर पड़ने लगा है। जशपुर, मैनपाट और समरी क्षेत्र में खेतों में पाला पड़ने और पानी के जम जाने से सब्जी, दलहन और अन्य रबी फसलों को नुकसान की आशंका जताई जा रही है। किसान अपनी फसलों को बचाने के लिए रात में खेतों में धुआं करने और हल्की सिंचाई जैसे उपाय अपनाने को मजबूर हैं। लंबे समय तक तापमान इसी स्तर पर बने रहने से नुकसान और बढ़ सकता है।

मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने और उत्तर भारत से आ रही सर्द हवाओं के कारण तापमान में यह तेज गिरावट दर्ज की गई है। विभाग ने बताया कि जनवरी का यह पहला सप्ताह बीते कई वर्षों में सबसे ठंडा माना जा रहा है। अंबिकापुर में भी न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी नीचे दर्ज किया गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक सरगुजा संभाग सहित पूरे उत्तर छत्तीसगढ़ में ठंड का असर बना रहेगा।
निजी मोबाइल पर शासकीय ऐप से हाजिरी का दबाव शिक्षकों की निजता पर हमला :कांग्रेस
तेज ठंड को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट मोड पर है। बुजुर्गों, छोटे बच्चों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। डॉक्टरों के अनुसार, ठंड के कारण सर्दी, खांसी, बुखार और सांस संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। लोगों से अपील की गई है कि वे गर्म कपड़े पहनें और ठंडी हवा से बचाव करें।

